इंतजार खत्म : यूपी में आज से शुरू होगा सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे, 12 जिलों होकर गुजरेगा, पश्चिम, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
June 9, 2026
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इंतजार खत्म : यूपी में आज से शुरू होगा सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे, 12 जिलों होकर गुजरेगा, पश्चिम, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा

जिस पल का उत्तर प्रदेश के लोगों को बेसब्री से इंतजार था वह पल आ गया है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) का आज उद्घाटन करेंगे, जो देश में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, 6 लेन (जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा) और एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसे लगभग ₹36,230 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों- मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है। इसके जरिए पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश को एक ही रफ्तार और बिना बाधा वाले सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

6 घंटे में होगी मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा
इस परियोजना से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा समय में काफी कमी आने की उम्मीद है। वर्तमान में जहां इस दूरी को तय करने में लगभग 10 से 12 घंटे लगते हैं, वहीं नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह समय घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा। इससे आवागमन ज्यादा आसान और परिवहन व्यवस्था अधिक तेज व कुशल होगी। इस परियोजना की एक बड़ी विशेषता शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (एयरस्ट्रिप) का निर्माण है। यह डुअल-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर न सिर्फ आपात स्थिति में विमानों की लैंडिंग के काम आएगा, बल्कि देश की सुरक्षा तैयारियों को भी मजबूत करेगा और आर्थिक लाभ के साथ-साथ रणनीतिक महत्व भी प्रदान करेगा।

आर्थिक कॉरिडोर के रूप में हुआ विकसित
बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे को एक प्रमुख आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है, जिसके तहत इसके मार्ग में आने वाले 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर क्षेत्र में एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक कॉरिडोर स्थापित किए जाएंगे। इस एक्सप्रेसवे से लॉजिस्टिक लागत में कमी आने, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता बढ़ने और विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते किसानों को सीधे शहरी और निर्यात बाजारों तक पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और ग्रामीण आय में सुधार होगा। यह परियोजना पर्यटन को भी बढ़ावा देगी, नए आर्थिक अवसर पैदा करेगी तथा पूरे क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध कराएगी।

कई लिंक कॉरिडोर पहले से संचालित
गंगा एक्सप्रेसवे राज्य के व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क की रीढ़ के रूप में कार्य करेगा। इसके साथ कई लिंक कॉरिडोर पहले से संचालित हैं या निर्माणाधीन हैं, जिनमें आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे तथा मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार शामिल हैं। यह विकसित होता एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश में पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक हाई-स्पीड सड़क संपर्क को और मजबूत करेगा, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है, जो लॉजिस्टिक लागत को कम करेगी, औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगी, कृषि और ग्रामीण आय को बढ़ाएगी, रोजगार के अवसर सृजित करेगी और पूरे राज्य में समग्र आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगी।

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