उत्तराखंड ने खोया अपना ‘सख्त और ईमानदार’ पहरेदार: पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, राष्ट्रपति मुर्मू-पीएम मोदी और सीएम धामी ने जताया गहरा शोक - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
July 21, 2026
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उत्तराखंड ने खोया अपना ‘सख्त और ईमानदार’ पहरेदार: पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, राष्ट्रपति मुर्मू-पीएम मोदी और सीएम धामी ने जताया गहरा शोक

उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को अनुशासन, पारदर्शिता और सख्त नेतृत्व की नई पहचान देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे और पिछले करीब 50 दिनों से देहरादून के मैक्स सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती थे। लंबे समय से हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे खंडूरी ने सुबह 11:10 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।

मेजर जनरल रह चुके खंडूरी भारतीय सेना में लंबी और गौरवपूर्ण सेवा देने के बाद राजनीति में आए थे। अपनी साफ-सुथरी छवि, कड़े अनुशासन और ईमानदार कार्यशैली के कारण उन्होंने उत्तराखंड की राजनीति में एक अलग और मजबूत पहचान बनाई। उन्हें ऐसे नेता के तौर पर जाना जाता था, जो फैसले लेने में बेहद दृढ़ और प्रशासनिक मामलों में सख्त माने जाते थे।

खंडूरी पहली बार वर्ष 2007 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने और मार्च 2007 से जून 2009 तक उन्होंने राज्य की कमान संभाली। इस दौरान प्रशासनिक सुधार, सड़क निर्माण और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने को लेकर उन्होंने कई बड़े फैसले लिए। हालांकि 2009 लोकसभा चुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

इसके बाद वर्ष 2011 में उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाया गया। सितंबर 2011 से मार्च 2012 तक अपने दूसरे कार्यकाल में भी उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। “खंडूरी है जरूरी” जैसे नारे उनकी ईमानदार और कठोर प्रशासक वाली छवि के प्रतीक बन गए थे।

उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने उनके सैन्य और सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खंडूरी ने उत्तराखंड के विकास और सुशासन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खंडूरी जी अनुशासन, ईमानदारी और कर्मठता की मिसाल थे। उनका योगदान उत्तराखंड के विकास और सुशासन के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने भी अपने पिता को भावुक शब्दों में श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का रास्ता दिखाया, जिसे वह जीवनभर अपनाने का प्रयास करेंगी।

भुवन चंद्र खंडूरी को उत्तराखंड में ऐसे नेता के रूप में हमेशा याद किया जाएगा, जिन्होंने राजनीति में स्वच्छता, पारदर्शिता और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके जाने से प्रदेश ने एक मजबूत, विकासवादी और ईमानदार नेतृत्व खो दिया है।

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