रुद्रनाथ मंदिर के कपाट आज शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण विधि-विधान के साथ आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
सुबह से ही पुजारियों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना, हवन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान रुद्रनाथ की पूजा कर मंदिर के कपाट खोले गए। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों, तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में मौजूद रहकर इस पावन क्षण के साक्षी बने।
समुद्र तल से लगभग 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित पंच केदारों में चतुर्थ केदार माना जाता है। हर वर्ष ग्रीष्मकाल में मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही यहां तीर्थयात्रा का शुभारंभ होता है। कपाट खुलने के बाद अब देश-विदेश से श्रद्धालु बाबा रुद्रनाथ के दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली हैं।

