केंद्र सरकार ने मंगलवार को ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बीच CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा OSM सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
OSM प्रणाली में गड़बड़ी का खुलासा करने वाले 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत आज दोपहर एक बजे संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। ऐसा पहली बार हुआ कि किसी मामले में कोई स्टूडेंट अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया।
उधर, CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ। CBSE के अनुसार, 2 मिनट में 15 लाख एक्सेस अटेंप्ट हुए, जबकि 1 लाख से ज्यादा बार सिस्टम की फाइलों तक बिना अनुमति पहुंचने की कोशिश की गई।
हालांकि, साइबर अटैक के बावजूद पोर्टल काम करता रहा और दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने आवेदन कर दिया। यह पोर्टल सोमवार से शुरू होना था।
दरअसल, 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (OSM सर्विस) पर चेक की गई थीं। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई है।

