मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भर्ती परीक्षाओं में धांधली और नकल के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा है। साथ ही नकल रोकने के लिए राज्य में देश के सबसे कड़े कानूनों में से एक लागू किया गया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सके।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने केवल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि भर्ती प्रक्रिया को भी व्यवस्थित किया। तय भर्ती कैलेंडर के अनुसार विभिन्न विभागों में भर्तियां पूरी कराई गईं, ताकि युवाओं को समय पर रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड, पंजाब और अन्य राज्यों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2012 से 2017 के दौरान भी भर्ती प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और नकल के मामले सामने आए थे। उनके अनुसार, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और उनके सहयोगी दलों के शासनकाल में भर्ती व्यवस्था प्रभावित हुई, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है।
सीएम धामी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं को किसी कारणवश गुमराह किया गया था, उन्हें कानूनी जटिलताओं में उलझाने के बजाय प्रधानमंत्री ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें राहत देने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना है, जबकि भर्ती घोटालों और नकल माफिया में शामिल वास्तविक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

