असम के जोरहाट एयरबेस पर शनिवार सुबह भारतीय वायुसेना के AN-32 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से देश ने अपने पांच जांबाज वायु योद्धाओं को खो दिया। इस दर्दनाक हादसे में देहरादून के सेलाकुई निवासी 32 वर्षीय स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह का भी निधन हो गया। विमान लैंडिंग के दौरान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके बाद उसमें भीषण आग लग गई। हादसे में पांच वायुसेना कर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि को-पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के कंडेरा गांव का रहने वाला है, लेकिन वर्षों पहले उनका परिवार देहरादून के सेलाकुई स्थित राजा वाला रोड की श्रीरामपुरम कॉलोनी में आकर बस गया था। उनके पिता उमेश सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में डिप्टी कमांडेंट पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता बृजेश देवी गृहिणी हैं। प्रशांत सिंह बचपन से ही मेधावी और अनुशासित छात्र रहे तथा देशसेवा का सपना लेकर भारतीय वायुसेना में शामिल हुए थे।
हादसे की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया और पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। माता-पिता तुरंत असम के लिए रवाना हो गए हैं। उत्तराखंड समेत पूरे देश में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह और अन्य दिवंगत वायुसेना कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। उनकी शहादत को हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद किया जाएगा।

