देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रतिष्ठित राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार और राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार की सम्मान राशि बढ़ाने की घोषणा की है। देहरादून में वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 13 महिलाओं और 35 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये की जाएगी। वहीं, राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार की राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की मातृशक्ति और कर्मठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मान और प्रोत्साहन देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं को आज सम्मानित किया गया है, उनकी उपलब्धियां प्रदेश की अन्य महिलाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।
सीएम धामी ने कहा कि तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि वर्ष 2023 में 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई थी। इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार की राशि भी 21 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई थी। अब सरकार ने दोनों पुरस्कारों की राशि में एक बार फिर बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और किशोरियों को उनकी उपलब्धियों के लिए दिया जाता है, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदान किया जाता है। विभागीय व्यवस्था के तहत राज्य के 13 जिलों से तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए एक-एक महिला का चयन किया जाता है, जबकि 35 आंगनबाड़ी परियोजनाओं से उत्कृष्ट कार्यकर्तियों का चयन किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना तीलू रौतेली का जीवन साहस, संघर्ष और वीरता की प्रेरणादायी मिसाल है। उनके नाम पर दिए जाने वाले इस सम्मान से प्रदेश की महिलाओं को आगे बढ़ने और समाज में अपनी पहचान बनाने की प्रेरणा मिलती है।
नोट: 2025-26 में सम्मानित 13 महिलाओं के नामों की आधिकारिक सूची की विश्वसनीय पुष्टि उपलब्ध होने पर उन्हें खबर में जिला सहित जोड़ा जा सकता है। ऑनलाइन उपलब्ध पुरानी सूचियों में अलग-अलग वर्षों के विजेताओं के नाम हैं, इसलिए उन्हें वर्तमान वर्ष की सूची के रूप में शामिल नहीं किया गया है।

