August 20, 2026
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उत्तर प्रदेश उत्तराखंड

Uttrakhand उत्तरकाशी में बारिश बनी बड़ी चुनौती : यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन, सैकड़ों यात्री फंसे

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। उत्तरकाशी जिले में शुक्रवार सुबह एक बार फिर स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन होने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरने के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। अचानक हुए भूस्खलन से यात्रा मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालुओं सहित कई यात्री रास्ते में फंस गए।

प्रशासन के अनुसार, स्यानाचट्टी के पास हुए ताजा भूस्खलन के कारण लगभग 100 से 150 यात्री मार्ग में फंस गए हैं। सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि सड़क से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

इससे पहले भी लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तरकाशी जिले में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे और नालूपानी के पास गंगोत्री हाईवे भूस्खलन की चपेट में आ चुके हैं। कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और चट्टानें गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया था। उस दौरान यमुनोत्री धाम की यात्रा पर निकले करीब एक हजार श्रद्धालु और यात्री अलग-अलग स्थानों पर फंस गए थे। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराने और भोजन-पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की थी।

भूस्खलन के बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और जिला प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से सड़क को दोबारा खोलने में जुटी हुई हैं। जेसीबी मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की मदद से हाईवे पर जमा मलबा हटाया जा रहा है। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियों से बार-बार पत्थर और मलबा गिर रहा है, जिससे राहत कार्यों में कठिनाइयां आ रही हैं और सड़क खोलने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है।

चारधाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री और गंगोत्री मार्ग पर हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में हाईवे बंद होने से यात्रा व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में आगामी दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके चलते भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों से सतर्क रहने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल होते ही मार्ग को पूरी तरह सुचारु करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि चारधाम यात्रा बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।

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