प्रवासी उत्तराखंड परिषद के उपाध्यक्ष बने ओम प्रकाश भट्ट, धामी सरकार ने जारी किया नियुक्ति आदेश - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
July 24, 2026
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उत्तराखंड

प्रवासी उत्तराखंड परिषद के उपाध्यक्ष बने ओम प्रकाश भट्ट, धामी सरकार ने जारी किया नियुक्ति आदेश

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य से बाहर रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडवासियों को संगठित करने और उनके साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने रुद्रप्रयाग जिले के मूल निवासी और लंबे समय से हरियाणा में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता ओम प्रकाश भट्ट को प्रवासी उत्तराखंड परिषद का उपाध्यक्ष नामित किया है। इस संबंध में मंत्रिपरिषद अनुभाग ने 24 जुलाई 2026 को कार्यालय ज्ञापन जारी कर उनकी नियुक्ति की औपचारिक घोषणा कर दी।


जारी आदेश के अनुसार, ओम प्रकाश भट्ट अपने कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारियां संभालेंगे। शासन ने स्पष्ट किया है कि उन्हें शासनादेश में निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सुविधाओं पर होने वाला व्यय संबंधित विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।
सरकार ने यह भी कहा है कि उपाध्यक्ष के रूप में उनके अधिकार, कर्तव्य, दायित्व, सेवा अवधि और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। इसके बाद वे परिषद के माध्यम से प्रवासी उत्तराखंडवासियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य करेंगे।
ओम प्रकाश भट्ट लंबे समय से हरियाणा में रह रहे उत्तराखंड मूल के लोगों के बीच एक प्रमुख सामाजिक और सांस्कृतिक चेहरा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से पानीपत, फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में बसे प्रवासी उत्तराखंडवासियों को एक मंच पर लाने, उनकी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
उन्होंने विभिन्न सामाजिक संगठनों, विशेषकर संगठित गढ़वाल सभा और उत्तराखंड समाज के माध्यम से प्रवासी समुदाय के बीच सक्रिय भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में कई सांस्कृतिक, सामाजिक और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे प्रवासी उत्तराखंडवासियों के बीच आपसी जुड़ाव और सहयोग की भावना को मजबूती मिली।
सरकार का मानना है कि ओम प्रकाश भट्ट के लंबे सामाजिक अनुभव और प्रवासी समाज के बीच उनकी मजबूत पकड़ का लाभ परिषद के कार्यों में मिलेगा। उनकी नियुक्ति से राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडवासियों के साथ संवाद और समन्वय को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही, प्रवासी समुदाय की समस्याओं और सुझावों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में भी यह नियुक्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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