देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में अधिकारियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के साथ ही वन्यजीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सभी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए।
सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और स्थानीय लोगों की आजीविका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने वन्यजीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने और मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान दूसरों की जान बचाने वाले साहसी नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वन्यजीवों के हमले में मृतक और घायलों के परिजनों को निर्धारित मानकों के अनुसार समय पर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सभी स्वीकृत परियोजनाओं में वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT), कैमरा ट्रैप, ड्रोन, सर्प बचाव किट, सोलर लाइट और निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत और वन कर्मियों को आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बैठक में राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन तथा अन्य संरक्षित क्षेत्रों में सड़क, आईटीबीपी अवसंरचना और ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी जनहित परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के साथ राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को भेजने की अनुमति दी गई।
इसके बाद आयोजित राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैव विविधता और वन्यजीव संपदा के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बाघ संरक्षण, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और आधुनिक तकनीक के उपयोग को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने वन्यजीव कॉरिडोरों के संरक्षण, एआई आधारित निगरानी, कैमरा ट्रैप, वैज्ञानिक प्रबंधन, प्राकृतिक जल स्रोतों और चारागाहों के विकास, वनाग्नि प्रबंधन तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आधुनिक निगरानी प्रणाली का विस्तार करने पर जोर दिया। उन्होंने हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए क्यूआरटी टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा देने, फील्ड स्टाफ को विशेष प्रोत्साहन और वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

