मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक जन शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी और हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी।
मुख्यमंत्री ने पेयजल विभाग और जल जीवन मिशन से जुड़ी बड़ी संख्या में प्राप्त शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित शिकायतों का प्रभावी समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की शिकायत निस्तारण में कार्यवाही शून्य प्रतिशत है, संबंधित विभागाध्यक्ष उन्हें तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करें। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने निर्धारित समय में निस्तारित नहीं हो पा रही शिकायतों की विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी स्तर पर नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। प्रत्येक सोमवार को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी, मंडल स्तर पर मंडलायुक्त और शासन स्तर पर सचिवों को समाधान दिवस आयोजित कर जन समस्याओं के समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण, 31,363 का आंशिक निस्तारण हुआ, जबकि 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन और 4,061 लंबित हैं। स्पेशल क्लोज शिकायतों की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को पहले माह से ही पेंशन उपलब्ध कराने, भूमि विवादों का प्राथमिकता से निस्तारण करने तथा चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाएं मजबूत करने के निर्देश भी दिए।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से फोन पर बातचीत कर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक से पहले व्यापक समीक्षा करने और शिकायतों की संख्या के साथ-साथ गुणवत्ता, संतुष्टि और विभागीय जवाबदेही के आधार पर कार्यों का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए।

