भारत-ऑस्ट्रेलिया रिश्तों को मिली नई रणनीतिक उड़ान, रक्षा से निवेश तक साझेदारी का ऐतिहासिक विस्तार - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
July 31, 2026
Daily Lok Manch
अंतरराष्ट्रीय

भारत-ऑस्ट्रेलिया रिश्तों को मिली नई रणनीतिक उड़ान, रक्षा से निवेश तक साझेदारी का ऐतिहासिक विस्तार


भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाते हुए रक्षा, सुरक्षा, निवेश, व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने का बड़ा फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज की मौजूदगी में जारी संयुक्त घोषणा ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने का स्पष्ट संकेत दिया है। इस घोषणा में रक्षा संबंधों को और गहरा करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया गया है, जिसके तहत सैन्य सहयोग, रक्षा विज्ञान, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यापक साझेदारी बढ़ाई जाएगी।

दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत सहयोग न केवल दोनों देशों के हित में है, बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी आवश्यक है। रक्षा और आर्थिक सहयोग को समान प्राथमिकता देते हुए दोनों देशों ने भविष्य की साझेदारी को और व्यापक बनाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई उद्योग जगत को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और दीर्घकालिक निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत में मजबूत आर्थिक सुधार, आधुनिक बुनियादी ढांचा, डिजिटल परिवर्तन और स्थिर नीतियां विदेशी निवेशकों के लिए बेहतर अवसर प्रदान कर रही हैं।

मेलबर्न में आयोजित ऑस्ट्रेलिया-इंडिया सीईओ फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्रस्तावित व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) को जल्द अंतिम रूप देने का आह्वान किया। उनका कहना था कि यह समझौता दोनों देशों के व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देगा तथा कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।

संयुक्त घोषणा के अनुसार दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक परामर्श को और मजबूत किया जाएगा। सशस्त्र बलों के बीच बेहतर अंतर-संचालनीयता विकसित करने, संयुक्त सैन्य अभ्यासों का दायरा बढ़ाने तथा रक्षा विज्ञान और आधुनिक तकनीकों में सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति बनी है। साथ ही रक्षा उत्पादन और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने के लिए भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे, ताकि वैश्विक चुनौतियों के बीच विश्वसनीय आपूर्ति तंत्र विकसित किया जा सके।

बैठक में समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, महत्वपूर्ण खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विशेष चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि इन क्षेत्रों में साझेदारी भविष्य की आर्थिक और रणनीतिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ता सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संतुलन और स्थिरता को मजबूत करेगा। वहीं व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नई पहल दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को भी बड़ा लाभ पहुंचा सकती है। संयुक्त घोषणा को भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत आधार प्रदान करेगी।

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