हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर आफत बनकर बरस रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है, जबकि बिजली और पेयजल सेवाओं पर भी व्यापक असर पड़ा है। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों के लिए और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार और मंगलवार को राज्य के पांच जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
शनिवार शाम से कांगड़ा जिले के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। धर्मशाला में सबसे अधिक 96.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि पालमपुर में 55 मिलीमीटर और कांगड़ा में 34.6 मिलीमीटर बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार प्रदेशभर में कुल 118 सड़कें बंद हैं। सबसे अधिक असर मंडी जिले में देखा गया है, जहां 48 सड़कें अवरुद्ध हैं। कुल्लू में 32, चंबा में 11, सिरमौर में आठ, शिमला में सात, कांगड़ा में छह, ऊना में चार और लाहौल-स्पीति में दो सड़कें बंद हैं। सड़कें बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी दिक्कतें आ रही हैं।
बारिश का असर केवल परिवहन व्यवस्था तक सीमित नहीं है। राज्य में 216 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। इसके अलावा 19 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से अनेक गांवों और कस्बों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। संबंधित विभागों की टीमें सेवाओं को बहाल करने में जुटी हुई हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क अवरोध जैसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
मानसून के इस नए दौर ने हिमाचल प्रदेश के सामने एक बार फिर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। राहत और बचाव एजेंसियां अलर्ट पर हैं, जबकि लोग मौसम के मिजाज पर नजर बनाए हुए हैं। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

