उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजनौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गाजियाबाद की हालिया घटना और गोहत्या के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी और गोमाता के प्रति अनादर करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों तथा पूर्व सैनिकों एवं लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र भी वितरित किए।
गोमाता पर टिप्पणी करने वालों को दी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ मौलवी और मौलाना गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की बात कर रहे हैं, लेकिन भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने कहा कि माता और पुत्र के संबंध को किसी सरकारी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज गाय और मां, दोनों के प्रति समान सम्मान का भाव रखता है। योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि सोशल मीडिया पर गोमाता का चित्र लगाकर बकरीद की शुभकामनाएं देने वाले अपने अनुयायियों को समझा लें कि गोमाता के साथ किसी भी प्रकार की हिमाकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गोहत्या के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है।
महाभारत की धरती से दिया संदेश
बिजनौर को महात्मा विदुर और महाभारत की धरती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास सिखाता है कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि यह भूमि भारत के गौरवशाली इतिहास की साक्षी रही है और आज भी समाज को सही दिशा देने का काम कर रही है।
विस्थापित परिवारों को मिला मालिकाना हक
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरता के कारण 1946, 1947 और 1948 के दौरान जिन हिंदू और सिख परिवारों को अपनी जमीन-जायदाद छोड़नी पड़ी थी, आज उनकी चौथी पीढ़ी को न्याय मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि 1,645 विस्थापित परिवारों के हजारों सदस्यों को भूमिधरी अधिकार पत्र सौंपे गए हैं और शेष पात्र लोगों के मामलों पर भी कार्रवाई जारी है।
वक्फ और विस्थापितों के मुद्दे पर भी बोले
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार हुए लोगों के पक्ष में कभी किसी मौलवी या मौलाना की आवाज नहीं सुनाई दी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे लोग विस्थापित परिवारों के अधिकारों और संपत्तियों के समर्थन में सामने आते तो उनकी संवेदनशीलता दिखाई देती। उन्होंने वक्फ संपत्तियों और विस्थापितों के पुनर्वास के मुद्दे पर भी सवाल उठाए।
बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति का जिक्र
मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की घटती आबादी का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले अत्याचारों पर भी खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ गतिविधियों पर कठोर रुख अपनाना आवश्यक है और देश के सुरक्षा बल दुश्मनों को जवाब देने का काम कर रहे हैं।
कानून-व्यवस्था में सुधार का दावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है। उन्होंने दावा किया कि पहले कई धार्मिक आयोजनों और यात्राओं के आयोजन में कठिनाइयां आती थीं, जबकि अब त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और व्यापारियों के हितों की रक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताया।
सभी वर्गों के लिए समान योजनाओं की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि समाज में अहिंसा और करुणा महत्वपूर्ण मूल्य हैं, लेकिन देश, समाज और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक होने पर कठोर कदम उठाने भी जरूरी हैं।

