मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के सहसपुर स्थित गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ कार्यक्रम के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जनसेवा शिविर में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को आम जनता के और अधिक करीब लाना है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और सरकार स्वयं उनके द्वार तक सेवाएं पहुंचाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सुशासन का अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनकेंद्रित प्रशासन है। उन्होंने बताया कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान ने सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाई है।
उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान करीब 700 जनसेवा शिविर लगाए गए, जिनमें पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। देहरादून जिले में आयोजित 46 शिविरों में 60 हजार से अधिक नागरिक पहुंचे, जबकि लगभग 39 हजार लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मौके पर ही दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ के पांच वर्ष पूर्ण होने पर सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। 4 जुलाई से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिक शामिल हो चुके हैं। इस दौरान प्राप्त 5,567 शिकायतों में से 4,951 का समाधान किया जा चुका है, जबकि 2,522 लोगों को विभिन्न प्रमाण-पत्र और सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
सहसपुर में आयोजित शिविर में एक हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत प्रमाण-पत्र और अन्य सहायता वितरित की गई। वहीं, विभागीय स्टॉलों के माध्यम से लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ कई सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” का विजन तेजी से साकार हो रहा है। राज्य में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश और हवाई संपर्क समेत सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियां मिली हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत दोषियों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, सड़क, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और कृषि सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार ‘विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुंडीर, विनय रोहिला, पुनीत मित्तल, ओमवीर सिंह, भुवन विक्रम डबराल, भाजपा जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

