अब WhatsApp पर होगी उत्तराखंड रोडवेज बस टिकट की बुकिंग, QR ई-टिकट से सफर होगा और भी आसान
उत्तराखंड रोडवेज के यात्रियों के लिए जल्द ही सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है। अब बस टिकट बुक कराने के लिए लंबी प्रक्रिया या काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यात्री सिर्फ व्हाट्सएप पर कुछ आसान स्टेप पूरे कर घर बैठे टिकट बुक कर सकेंगे। ऑनलाइन भुगतान के तुरंत बाद उनके मोबाइल पर क्यूआर आधारित ई-टिकट उपलब्ध हो जाएगा, जिसे बस में दिखाकर यात्रा की जा सकेगी। इस नई डिजिटल सुविधा से टिकट बुकिंग तेज, सुरक्षित और पूरी तरह सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।
उत्तराखंड परिवहन निगम यात्रियों के लिए व्हाट्सएप के जरिए बस टिकट बुकिंग की नई सुविधा शुरू करने जा रहा है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के सहयोग से विकसित की जा रही इस व्यवस्था के तहत यात्री व्हाट्सएप पर यात्रा का विवरण भरकर ऑनलाइन भुगतान करेंगे और उन्हें तुरंत क्यूआर/बारकोड आधारित ई-टिकट मिल जाएगा।
प्रदेश में रोडवेज की बसों से प्रतिदिन करीब 90 हजार यात्री सफर करते हैं। फिलहाल यात्रियों के पास ऑनलाइन टिकट बुक करने या बस में कंडक्टर से टिकट लेने का विकल्प है। नई सुविधा शुरू होने के बाद व्हाट्सएप भी टिकट बुकिंग का एक आसान और तेज माध्यम बन जाएगा।
ऐसे बुक होगी टिकट
परिवहन निगम एक आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर जारी करेगा। इस नंबर पर संदेश भेजने के बाद यात्री अपनी यात्रा से जुड़ी जानकारी भरेंगे। इसके बाद किराया भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजा जाएगा। भुगतान पूरा होते ही यात्री के व्हाट्सएप पर क्यूआर/बारकोड आधारित ई-टिकट उपलब्ध हो जाएगा, जिसे यात्रा के दौरान दिखाना होगा।
क्यूआर स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी
बस में मौजूद कंडक्टर अपने इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग डिवाइस से यात्री के ई-टिकट पर मौजूद क्यूआर या बारकोड को स्कैन करेगा। स्कैन होते ही टिकट से जुड़ी पूरी जानकारी डिवाइस पर दिखाई देगी। फिलहाल यह सुविधा उन्हीं बसों में लागू होगी, जहां पहले से ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था उपलब्ध है।
एनआईसी के साथ अंतिम चरण में तैयारी
रोडवेज के महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने बताया कि इस सुविधा को शुरू करने के लिए एनआईसी के साथ तकनीकी स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। साथ ही सर्वर संबंधी समस्याओं को भी दूर किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। हाल ही में परिवहन मंत्री ने भी यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नए तकनीकी विकल्प विकसित करने के निर्देश दिए हैं।

