उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। लगातार तेज बारिश के बीच बादल फटने जैसी स्थिति बनने से कई इलाकों में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव आ गया। इस आपदा से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई रिहायशी क्षेत्रों में मलबा और बारिश का पानी घरों के भीतर घुस गया, जिससे लोगों को रातोंरात सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
भारी बारिश के कारण स्कूल परिसर भी मलबे की चपेट में आ गए। वहीं आठ बड़े वाहन, एक एंबुलेंस और कई अन्य गाड़ियां मलबे में फंस गईं या क्षतिग्रस्त हो गईं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जबकि लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है।
बारिश के चलते सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें आ गईं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

