उत्तराखंड के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय : समान नागरिक संहिता से सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण का नया युग शुरू : सीएम धामी - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
June 6, 2026
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उत्तराखंड के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय : समान नागरिक संहिता से सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण का नया युग शुरू : सीएम धामी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर, गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के निर्माण में योगदान देने वाली समिति के सदस्यों, इसके प्रभावी क्रियान्वयन में जुटे प्रशासनिक अधिकारियों तथा पंजीकरण प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने वाले वीएलसी को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूसीसी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन उत्तराखंड के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा। इसी दिन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हुई, जिसने सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना को मजबूती प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति सदैव समरसता और समानता की संवाहक रही है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गीता में दिए गए उपदेश “समोऽहं सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योऽस्ति न प्रियः” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सनातन परंपरा की महानता को दर्शाता है, जिसने विश्व को समानता और मानवता का मार्ग दिखाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित संविधान निर्माताओं ने समान नागरिक संहिता को संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत नीति निदेशक सिद्धांतों में स्थान दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व उन्होंने अपने संकल्प पत्र में उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने का वादा किया, जिसे देवभूमि की जनता ने अपार समर्थन और आशीर्वाद देकर साकार किया।
उन्होंने बताया कि पुनः सत्ता संभालने के साथ ही राज्य में यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई। 7 फरवरी 2024 को यूसीसी विधेयक राज्य विधानसभा में पारित हुआ, जिसे 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। इसके पश्चात सभी आवश्यक नियमावली और प्रक्रियाएं पूर्ण कर 27 जनवरी 2025 को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को विधिवत लागू कर दिया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण समाज में असमानता और भेदभाव की स्थिति बनी हुई थी। यूसीसी लागू होने से राज्य के सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं और महिला सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में हलाला और बहुविवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया, जिससे स्पष्ट है कि यह कानून महिलाओं के हित में है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता किसी भी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह समाज की कुप्रथाओं को समाप्त कर ‘समानता से समरसता’ स्थापित करने का संवैधानिक प्रयास है। इस कानून के तहत सभी धर्मों के लिए विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार, संपत्ति के अधिकार और बाल अधिकारों से जुड़े प्रावधानों को समान बनाया गया है। संपत्ति के मामलों में पत्नी, बच्चों और माता-पिता को समान अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं, जिससे पारिवारिक विवादों की संभावनाएं कम होंगी।
लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवक-युवतियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण की सूचना अभिभावकों को दी जाती है, जो पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है। लिव-इन संबंधों से जन्मे बच्चों को जैविक संतान के समान सभी अधिकार प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाया गया है। पहले जहां औसतन 67 विवाह पंजीकरण प्रतिदिन होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। राज्य की 30 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत पंजीकरण पूरा हो चुका है। बीते एक वर्ष में यूसीसी के तहत लगभग 5 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 95 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि यूसीसी में हाल ही में किए गए संशोधनों को राज्यपाल की स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें पहचान छिपाकर या गलत तथ्य देकर किए गए विवाहों को निरस्त करने तथा विवाह और लिव-इन संबंधों में धोखाधड़ी व दबाव जैसे मामलों में सख्त दंड का प्रावधान किया गया है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, सविता कपूर, सुरेश गड़िया, बृज भूषण गैरोला, सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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