मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने आज मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की और उनका फीडबैक प्राप्त किया। इस दौरान एसआईआर के नोटिस चरण में जारी सुनवाई प्रक्रिया की भी विस्तार से जानकारी दी गई।
डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि एसआईआर के दौरान किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 24 लाख नोटिसों के मुकाबले अब तक लगभग 19 लाख (77 प्रतिशत) नोटिस बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि दावे एवं आपत्तियों के चरण में एक मतदाता अधिकतम पांच मामलों में दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। इससे अधिक मामले आने पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) निर्धारित प्रावधानों के अनुसार स्वयं जांच और सत्यापन करेंगे। वहीं, राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट एक दिन में अधिकतम 10 प्रपत्र जमा कर सकते हैं। पुनरीक्षण अवधि में 30 से अधिक प्रपत्र प्रस्तुत होने पर ईआरओ स्तर से जांच और सत्यापन कराया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि सामान्य विसंगतियों वाले मामलों का बीएलओ दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन कर निस्तारण करें, ताकि मतदाताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है, उनके मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए ईआरओ और एईआरओ स्तर पर सुनवाई कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में भाजपा से राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस से सूर्यकांत धस्माना और अमेंद्र बिष्ट, बसपा से सतेंद्र चोपड़ा और जसपाल, तथा माकपा से अनंत आकाश उपस्थित रहे।

