उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। देर रात से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा क्षेत्र में उफनाए गदेरे का मलबा केदारनाथ हाईवे पर आ गया, जिससे 10 से अधिक वाहन कीचड़ में फंस गए और यातायात प्रभावित हो गया।
चमोली जिले के विनायक चट्टी क्षेत्र में बादल फटने जैसी घटना की सूचना मिली है। वहीं हेलंग और आमसौड़ के पास हुए भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। इसके अलावा नारायणबगड़–कर्णप्रयाग मोटर मार्ग भी कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर आने से पूरी तरह बाधित है।
लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। प्रशासन लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से नदी किनारों और निचले इलाकों से दूर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहा है।
मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों में यलो अलर्ट लागू है।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और चमोली जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों सहित 12वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 9 अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
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