बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार देर रात निधन हो गया। उनके निधन की खबर से बलिया समेत पूरे पूर्वांचल में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे उमाशंकर सिंह का इलाज उनके आवास पर चल रहा था। निधन की पुष्टि होते ही समर्थकों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों की भीड़ उनके आवास पर उमड़ने लगी।
नगरा ब्लॉक के खनवर गांव निवासी उमाशंकर सिंह लगातार तीन बार रसड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। उनके निधन के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा का प्रतिनिधित्व पूरी तरह समाप्त हो गया है। वह सदन में पार्टी के इकलौते विधायक थे और अब प्रदेश में बसपा का कोई विधायक नहीं बचा है।
उमाशंकर सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1990 में बलिया के एएसी कॉलेज से छात्रसंघ महामंत्री के रूप में की थी। इसके बाद वर्ष 2000 में वह जिला पंचायत अध्यक्ष बने। साल 2011 में बसपा में शामिल होने के बाद उन्होंने 2012 में पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद 2017 और 2022 में भी उन्होंने लगातार जीत हासिल कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में वह बसपा के टिकट पर जीतने वाले प्रदेश के एकमात्र विधायक बने थे।
राजनीति के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों के लिए भी उमाशंकर सिंह की पहचान रही। उन्होंने वर्ष 2012 में 251 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया था। वहीं 2016 में 351 हिंदू-मुस्लिम जोड़ों के सामूहिक विवाह का आयोजन कर सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया था।
उनके निधन से पूर्वांचल की राजनीति को बड़ा झटका लगा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे सार्वजनिक जीवन की बड़ी क्षति बताया है।

