August 26, 2026
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मोदी कैबिनेट के मेगा फैसले: सेमिकॉन 2.0 पर मुहर, काशी की कनेक्टिविटी होगी और बेहतर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (एनएच-19) और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले 46.039 किलोमीटर लंबे 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 14,447.64 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल (एचएएम) के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा विकसित किया जाएगा।

इस परियोजना में एलिवेटेड मुख्य मार्ग, गंगा नदी पर 910 मीटर लंबा केबल-स्टे पुल, 1.32 किलोमीटर लंबा एक्स्ट्राडोज्ड पैदल पुल-सह-प्रमुख पुल, रैंप, लूप, लिंक रोड और सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा।

सरकार के अनुसार, इस कॉरिडोर से एनएच-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित होगा और शहर के यातायात जाम में बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना पूरी होने के बाद शहर के प्रभाव क्षेत्र में औसत यात्रा समय 60 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा, जबकि एनएच-19 से काशी रेलवे स्टेशन तक का सफर 50 मिनट से घटकर लगभग 25 मिनट में पूरा होगा।

यह परियोजना पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप तैयार की गई है। इससे लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा, काशी रेलवे स्टेशन, वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और रामनगर अंतर्देशीय जलमार्ग बंदरगाह जैसी प्रमुख परिवहन सुविधाओं तक बेहतर संपर्क मिलेगा।

साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), नमो घाट, रामनगर किला और वाराणसी के घाटों तक पहुंच भी आसान होगी, जिससे पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना में कई आधुनिक इंजीनियरिंग सुविधाएं शामिल हैं। इनमें गंगा पर केबल-स्टे पुल, ट्रैवलेटर युक्त पैदल पुल, रेल ओवरब्रिज, आपातकालीन पार्किंग, ध्वनि अवरोधक, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित स्थापत्य डिजाइन शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि यह परियोजना शहर में यातायात जाम कम करने, सड़क सुरक्षा बढ़ाने, ईंधन और परिवहन लागत घटाने, प्रदूषण कम करने तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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