कटड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भवन से भैरव बाबा मंदिर तक संचालित होने वाली रोपवे सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। बोर्ड के अनुसार, रोपवे का वार्षिक रखरखाव (एनुअल मेंटेनेंस) किया जा रहा है, जिसके चलते यह सेवा 13 जुलाई से 22 जुलाई तक पूरी तरह बंद रहेगी। रोपवे का संचालन 23 जुलाई से दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
श्राइन बोर्ड ने बताया कि रोपवे की सुरक्षा, तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत के लिए हर वर्ष निर्धारित समय पर मेंटेनेंस कार्य किया जाता है। इसका उद्देश्य रोपवे प्रणाली को सुरक्षित, सुचारु और विश्वसनीय बनाए रखना है, ताकि श्रद्धालुओं को भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े।
रोपवे सेवा बंद रहने के दौरान श्रद्धालुओं को भवन से भैरव बाबा मंदिर तक पैदल मार्ग का उपयोग करना होगा। यह मार्ग पहले से उपलब्ध है और श्रद्धालु सामान्य रूप से इस रास्ते से दर्शन के लिए जा सकते हैं। प्रशासन की ओर से पैदल यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
हर साल लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद भैरव बाबा मंदिर भी जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भैरव बाबा के दर्शन के बिना माता वैष्णो देवी की यात्रा पूर्ण नहीं मानी जाती। ऐसे में बुजुर्गों, दिव्यांगों और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए रोपवे एक बड़ी सुविधा साबित होता है। हालांकि, फिलहाल मेंटेनेंस के कारण उन्हें वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना होगा।
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय रोपवे सेवा बंद रहने की अवधि का ध्यान रखें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए पहले से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर लें। साथ ही, केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
23 जुलाई से रोपवे सेवा दोबारा शुरू होने के बाद श्रद्धालु पहले की तरह भवन से भैरव बाबा मंदिर तक कुछ ही मिनटों में पहुंच सकेंगे। बोर्ड का कहना है कि नियमित रखरखाव से रोपवे की कार्यक्षमता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव मिलता है।
श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि रोपवे सेवा के अलावा माता वैष्णो देवी यात्रा की अन्य सभी व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। श्रद्धालु पहले की तरह यात्रा कर सकते हैं और दर्शन व्यवस्था में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। यात्रियों से मौसम और यात्रा संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।

