प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के बालोतरा में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध से उत्पन्न 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का भारत ने दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शी नीतियों और प्रभावी कूटनीति के बल पर सफलतापूर्वक सामना किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल परियोजनाओं की घोषणा नहीं करती, बल्कि उन्हें तय समय में पूरा कर जनता को समर्पित भी करती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने राजस्थान रिफाइनरी, जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल, जयपुर मेट्रो फेज-2, उड़ान योजना के विस्तार और शेखावटी जल परियोजना समेत कई विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं राजस्थान के औद्योगिक, आर्थिक और आधारभूत ढांचे को नई मजबूती देंगी। साथ ही 54 हजार युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र मिलने पर भी उन्हें बधाई दी।
ऊर्जा संकट में भारत की तैयारी का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण दुनिया गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रही है, लेकिन भारत ने समय रहते प्रभावी रणनीति अपनाकर आम नागरिकों पर इसका असर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने बताया कि संकट के दौरान रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन बढ़ाने की तैयारी पहले से कर ली गई थी, जिससे उत्पादन सात दिनों के भीतर 35 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया। इसके साथ ही 11 लाख से अधिक घरों को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) से जोड़ा गया।
एलपीजी और ईंधन कीमतों पर राहत
पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध की स्थिति में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2,000 रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन सरकार ने सब्सिडी और अन्य उपायों के जरिए इसे नियंत्रित रखा। उन्होंने कहा कि सामान्य उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर 900 रुपये से कम और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 650 रुपये से कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती की गई है।
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर तक पहुंचने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी गई। सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में प्रति लीटर 10 रुपये की कटौती कर आम लोगों को राहत दी, जबकि तेल कंपनियों ने अप्रैल से जून के बीच 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाया। साथ ही भारत ने कूटनीतिक प्रयासों से तेल आयात करने वाले देशों की संख्या 25-26 से बढ़ाकर 40 से अधिक कर दी।
रिफाइनरी, किसानों और एमएसएमई पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी परियोजना को भाजपा सरकार ने नई गति दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार के दौरान परियोजना की रफ्तार धीमी रही, जबकि भाजपा सरकार बनने के बाद काम तेज हुआ और अब इसका लोकार्पण संभव हो सका। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमता वाला देश है।
उन्होंने किसानों के लिए सरकार की पहल का जिक्र करते हुए कहा कि 3,000 रुपये से अधिक लागत वाली यूरिया की बोरी किसानों को करीब 300 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं एमएसएमई क्षेत्र को इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के तहत अतिरिक्त ऋण और 100 प्रतिशत सरकारी गारंटी देकर राहत प्रदान की गई।
सौर ऊर्जा और जल परियोजनाओं पर जोर
प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत खेजड़ी का पौधा लगाया और राजस्थान को सौर ऊर्जा का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि राज्य में विश्वस्तरीय सोलर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत डेढ़ लाख से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया है, जबकि पीएम कुसुम योजना के तहत 65 हजार से अधिक सोलर पंप किसानों को दिए जा चुके हैं।
उन्होंने शेखावटी जल परियोजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान और हरियाणा के बीच हुए समझौते के तहत हथिनीकुंड बैराज से शेखावटी क्षेत्र तक पानी पहुंचाया जाएगा। लगभग 34 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना से सीकर, चूरू और झुंझुनूं सहित पूरे शेखावटी क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
विकसित राजस्थान, विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2, जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाएं राजस्थान के विकास को नई गति देंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि डबल इंजन सरकार के सहयोग से राजस्थान विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा।

