तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब राज्य के नेता प्रतिपक्ष और डीएमके नेता को अभिनेत्री पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ छह विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई है और विपक्ष ने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए उदयनिधि स्टालिन ने पहले ही में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी। हालांकि, उनकी अर्जी पर सुनवाई होने से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पूरा विवाद सोमवार को तंजावुर में आयोजित कावेरी जल विवाद से संबंधित एक रैली के दौरान शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में उदयनिधि स्टालिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर राजनीतिक हमला बोल रहे थे। इसी बीच सभा में मौजूद कुछ लोगों ने अभिनेत्री तृषा के नाम के नारे लगाने शुरू कर दिए।
आरोप है कि इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उदयनिधि ने कहा, “पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए।” इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी डबल मीनिंग है और इससे अभिनेत्री के साथ-साथ महिलाओं का भी अपमान हुआ है। विपक्ष ने इसे अशोभनीय बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
विवाद बढ़ने के बाद उदयनिधि स्टालिन ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है। उनका दावा था कि उनका इशारा केवल कावेरी नदी के पानी की ओर था और किसी व्यक्ति या अभिनेत्री के लिए उन्होंने कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोधियों ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया है।
हालांकि, उनकी इस सफाई से विवाद शांत नहीं हुआ। विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने छह धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू करने के बाद मंगलवार को उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार कर लिया।
इस गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। डीएमके नेताओं ने कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है, जबकि विपक्ष का कहना है कि सार्वजनिक मंच से महिलाओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले किसी भी नेता के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अब सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई और इस मामले में आने वाले न्यायिक फैसले पर टिकी हुई है।

