बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर रविवार शाम दिल्ली स्थित उनके आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हमला करने की कोशिश की गई। कार्यक्रम के बीच अचानक एक व्यक्ति ने उनकी ओर चप्पल फेंक दी, जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घटना के तुरंत बाद पप्पू यादव के समर्थकों और सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को पकड़ लिया। इस दौरान समर्थकों ने उसके साथ मारपीट भी की, जिसके चलते कुछ समय के लिए कार्यक्रम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव अपने आवास पर मीडिया से विभिन्न राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बातचीत कर रहे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस चल ही रही थी कि अचानक भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति आगे बढ़ा और सांसद की ओर चप्पल फेंक दी। हालांकि चप्पल सीधे उन्हें नहीं लगी, लेकिन घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आरोपी को काबू में कर लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी को पकड़ने के बाद कुछ समर्थकों ने उसके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। बाद में सुरक्षा कर्मियों और अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कुछ देर के लिए बाधित रही, लेकिन हालात सामान्य होने पर कार्यक्रम आगे जारी रखा गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। आरोपी की पहचान और उसके उद्देश्य को लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उसने व्यक्तिगत कारणों से यह हरकत की या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। जांच एजेंसियां उसके पृष्ठभूमि और गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।
पप्पू यादव ने घटना के बाद संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसक या अमर्यादित तरीके स्वीकार्य नहीं हो सकते। उन्होंने समर्थकों से भी शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए।
राजनीतिक हलकों में भी इस घटना की चर्चा तेज हो गई है। कई नेताओं ने सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। वहीं, कुछ नेताओं ने किसी भी प्रकार के विरोध को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रखने की बात कही है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनके आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।

