अगर आप ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने के लिए Zomato का इस्तेमाल करते हैं और भुगतान के लिए Cash on Delivery यानी COD विकल्प चुनते हैं, तो अब आपको अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। कंपनी ने कुछ यूजर्स के लिए COD ऑर्डर्स पर अलग से फीस लेना शुरू किया है। यह चार्ज ऑर्डर के बिल में “Pay on Delivery Fee” के नाम से दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए शुल्क की राशि अलग-अलग ऑर्डर और यूजर्स के लिए अलग हो सकती है। अभी सामने आई जानकारी में यह फीस करीब 5 रुपये से लेकर 21 रुपये तक बताई जा रही है। हालांकि, कंपनी किस आधार पर इस शुल्क को तय कर रही है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि ऑर्डर की कुल कीमत, लोकेशन या अन्य किसी पैरामीटर के आधार पर शुल्क अलग-अलग हो सकता है।
पहले से लगते हैं कई तरह के चार्ज
Zomato पर COD फीस के अलावा ग्राहक को कई अन्य शुल्क भी चुकाने पड़ सकते हैं। इनमें प्लेटफॉर्म फीस के साथ-साथ डिलीवरी चार्ज, पैकेजिंग फीस और कुछ मामलों में अन्य शुल्क शामिल होते हैं। ऐसे में COD चुनने वाले ग्राहकों के लिए कुल बिल डिजिटल पेमेंट की तुलना में थोड़ा ज्यादा हो सकता है।
फिलहाल Zomato की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी Swiggy की ओर से COD ऑर्डर्स पर अलग से ऐसा शुल्क लिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। इससे Zomato के नए चार्ज को लेकर ग्राहकों के बीच चर्चा बढ़ गई है।
छोटे चार्ज से बड़ी कमाई का रास्ता
Zomato के बड़े ऑर्डर वॉल्यूम को देखते हुए यह छोटा-सा शुल्क भी कंपनी के लिए बड़ी कमाई का जरिया बन सकता है। Moneycontrol के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर रोजाना करीब 23 से 25 लाख फूड ऑर्डर प्रोसेस होते हैं। हालांकि इनमें COD ऑर्डर्स का हिस्सा काफी कम है।
अगर सिर्फ उदाहरण के तौर पर हर दिन 23-25 लाख ऑर्डर्स पर 5 रुपये का चार्ज लगाया जाए, तो यह रकम करीब 1.15 से 1.25 करोड़ रुपये प्रतिदिन बैठती है। सालाना आधार पर यह आंकड़ा लगभग 420 से 456 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, यह केवल अनुमान है, क्योंकि हर ऑर्डर COD के जरिए नहीं किया जाता और वास्तविक फीस भी अलग-अलग हो सकती है।
प्लेटफॉर्म फीस भी बढ़ा चुकी है कंपनी
Zomato ने इस साल की शुरुआत में अपनी प्लेटफॉर्म फीस भी बढ़ाई थी। इसे 12.50 रुपये से बढ़ाकर 14.99 रुपये प्रति ऑर्डर किया गया था और इस पर GST अलग से लागू होता है। कंपनी के बड़े ऑर्डर वॉल्यूम को देखते हुए फीस में मामूली बढ़ोतरी भी सालाना आधार पर सैकड़ों करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय में बदल सकती है।
फूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियां लगातार नए मॉनेटाइजेशन मॉडल अपना रही हैं। ऐसे में COD पर लगाया गया यह नया शुल्क भी Zomato की कमाई बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

