हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश एक बार फिर लोगों के लिए मुसीबत बनती नजर आ रही है। शुक्रवार सुबह धर्मपुर क्षेत्र के जाबली में तेज बारिश के बाद अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा बहकर दुकानों की ओर आने लगा। पानी का तेज बहाव देखकर एक दुकानदार घबरा गया और बिना समय गंवाए दुकान छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भागा। कुछ ही देर में पानी और मलबे का बहाव इतना तेज हो गया कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि दुकानदार ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।
इसी तरह शिमला के पंथाघाटी इलाके में भी भारी भूस्खलन ने दहशत पैदा कर दी। यहां निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक पहाड़ी से मलबा और मिट्टी खिसककर नीचे आने लगी। खतरा बढ़ता देख निर्माण कार्य में लगे मजदूरों ने भी मौके से भागकर अपनी जान बचाई। भूस्खलन के कारण आसपास के क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। दोनों घटनाओं में लोगों की सूझबूझ और समय रहते मौके से हट जाना बड़ी राहत की बात रही।
142 सड़कें बंद, जगह-जगह भूस्खलन से बढ़ी परेशानी
प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार रात से ही भारी बारिश का दौर जारी रहा। इसका असर सड़क यातायात पर भी पड़ा। भारी बारिश के बाद जगह-जगह भूस्खलन होने से राज्य में 142 सड़कें बंद हो गईं। इससे कई इलाकों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
सबसे ज्यादा बारिश बिलासपुर के नयना देवी में 130.6 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा मारुति देवी में 85.8, नाहन में 45.4, कसौली में 45.0 और धर्मशाला में 37.1 मिलीमीटर बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।
तीन जिलों में आज और कल भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार हिमाचल के कुछ हिस्सों में 5 सितंबर तक बारिश जारी रह सकती है। शुक्रवार और शनिवार को बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 5 सितंबर को बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के अन्य जिलों के लिए शुक्रवार को कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
बारिश के कारण कई शहरों के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 4 डिग्री तक नीचे चला गया है।
छह सितंबर से कमजोर पड़ेगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के छह सितंबर से कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद 9 सितंबर तक प्रदेश के किसी भी जिले में बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि पहाड़ी इलाकों में पहले से हुई बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा बना रह सकता है।
मानसून में अब तक 8 प्रतिशत कम बारिश
इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में अब तक सामान्य से 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 2 सितंबर तक चंबा में सामान्य से 1 प्रतिशत, किन्नौर में 5 प्रतिशत, कांगड़ा में 3 प्रतिशत, मंडी में 16 प्रतिशत और सोलन में 12 प्रतिशत कम बारिश हुई। हमीरपुर में सामान्य से 31 प्रतिशत और लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा 60 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

