September 24, 2026
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यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस बनी आग का गोला, नौ यात्रियों की जलकर मौत, कई ने कूदकर बचाई जान

यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। दयानतपुर गांव के पास दिल्ली से महोबा जा रही बिहार नंबर की डबल डेकर स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय बस में करीब 35 यात्री सवार थे। आग की चपेट में आने से 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। मृतकों में महिलाएं, बुजुर्ग और एक दिव्यांग बच्चा भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

जानकारी के मुताबिक, राज कल्पना ट्रैवल्स की बस (BR32 PA8647) दिल्ली से महोबा की ओर जा रही थी। बुधवार देर रात दयानतपुर गांव के पास बस में आग लगने के बाद चालक ने वाहन को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया। आग लगते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कुछ यात्रियों ने समय रहते बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, जबकि कई लोग आग तेजी से फैलने के कारण अंदर फंस गए। बताया जा रहा है कि कुछ यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।

### धुएं और लपटों के बीच मची अफरातफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में आग लगने के दौरान धुआं और ऊंची लपटें उठने लगीं। इसी बीच बस के भीतर से पटाखे फूटने जैसी आवाजें भी सुनाई दीं। इन आवाजों ने आग लगने के कारणों को लेकर रहस्य और गहरा कर दिया है। हालांकि, बस में पटाखे या कोई ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

टोल कर्मियों के मुताबिक, आग लगने के कुछ ही समय बाद लपटें तेजी से फैल गईं और डबल डेकर बस धू-धूकर जलने लगी। सूचना मिलने पर यमुना एक्सप्रेसवे की निजी सुरक्षा टीम, पुलिसकर्मी और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब चार से पांच फायर टेंडर और पानी के टैंकरों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

### यातायात रोका गया, अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल

हादसे की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर जेवर टोल और फलैदा कट पर करीब 20 मिनट तक यातायात रोक दिया गया। आग बुझने के बाद एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू कराई गई। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे की जानकारी जुटाई। मृतकों की संख्या की पुष्टि गुरुवार सुबह करीब 3:30 बजे किए जाने की बात सामने आई है। फिलहाल बस में आग किस वजह से लगी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस आग लगने के वास्तविक कारणों, यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और पटाखों जैसी आवाजों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। हादसे के बाद स्लीपर बसों में अग्निसुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

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