तीन साल बाद बदला कर्नाटक का नेतृत्व, सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, अब डीके शिवकुमार संभालेंगे कमान - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
May 28, 2026
Daily Lok Manch
राष्ट्रीय

तीन साल बाद बदला कर्नाटक का नेतृत्व, सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, अब डीके शिवकुमार संभालेंगे कमान



कर्नाटक की राजनीति में आखिरकार वह क्षण आ ही गया, जिसका पिछले कई महीनों से इंतजार किया जा रहा था। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा देकर राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया। कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रही राजनीतिक खींचतान अब लगभग खत्म मानी जा रही है और माना जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार जल्द ही राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं।
गुरुवार सुबह से ही बेंगलुरु की सियासी हलचल तेज थी। मुख्यमंत्री आवास पर मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की आवाजाही लगातार जारी रही। कांग्रेस नेताओं के चेहरों पर गंभीरता साफ दिखाई दे रही थी। इसी बीच सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रिमंडल की अहम बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने अपने इस्तीफे के फैसले की जानकारी दी। बैठक का माहौल इतना भावुक हो गया कि कई मंत्री खुद को संभाल नहीं सके और उनकी आंखें भर आईं।
बैठक के दौरान का एक दृश्य पूरे दिन चर्चा में रहा। जैसे ही डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, उन्होंने सिद्धारमैया के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया। कांग्रेस के भीतर महीनों से चल रही खींचतान के बीच यह तस्वीर राजनीतिक संदेश के तौर पर देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी यह तस्वीर तेजी से वायरल हुई और समर्थकों ने इसे कांग्रेस में एकता का प्रतीक बताया।
इस्तीफे के तय कार्यक्रम के अनुसार सिद्धारमैया अपने सरकारी आवास से सीधे राजभवन पहुंचे। हालांकि राज्यपाल थावरचंद गहलोत फिलहाल प्रदेश से बाहर हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने अपना इस्तीफा राजभवन के अधिकारियों को सौंपा। इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल कार्यालय में जमा करा दिया है और राज्यपाल आज रात वापस लौटेंगे। सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने पहले भी साफ कर दिया था कि जब भी कांग्रेस हाईकमान निर्देश देगा, वह पद छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के आदेश का सम्मान करते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है।
सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस सरकार ने संविधान के सिद्धांतों के अनुसार काम करने की कोशिश की और जनता की सेवा को हमेशा प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की सात करोड़ जनता की सेवा करने का अवसर उनके लिए सम्मान की बात रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें दो बार मुख्यमंत्री और दो बार विपक्ष का नेता बनने का अवसर मिला, जिसके लिए वह कांग्रेस नेतृत्व के आभारी हैं।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी का विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया और बड़ी जिम्मेदारियां दीं। सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस को जनता ने स्पष्ट बहुमत दिया था और सभी विधायकों का समर्थन पार्टी के साथ बना हुआ है। उन्होंने साफ संकेत देते हुए कहा कि सभी विधायक डीके शिवकुमार का समर्थन कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व काफी समय से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की रणनीति पर काम कर रहा था। मई 2023 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लंबी खींचतान चली थी। दोनों ही नेता मुख्यमंत्री पद के मजबूत दावेदार थे। कई दौर की बैठकों के बाद पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया था। उसी समय से यह चर्चा भी लगातार चल रही थी कि कांग्रेस ने ढाई-ढाई साल के रोटेशन फॉर्मूले पर सहमति बनाई है, हालांकि पार्टी ने कभी इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया।
अब सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद माना जा रहा है कि वही फार्मूला लागू किया गया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद कांग्रेस राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेगी।
सिद्धारमैया के करीबी माने जाने वाले आबकारी मंत्री आर.बी. तिम्मापुर ने बैठक के भावुक माहौल का जिक्र करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री ने इस्तीफा देने की बात कही तो लगभग सभी मंत्री भावुक हो गए। कई मंत्री रो पड़े और माहौल बेहद भावनात्मक हो गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी इस दौरान भावुक दिखाई दिए।
कांग्रेस नेतृत्व इस बदलाव को संगठनात्मक संतुलन और भविष्य की राजनीतिक रणनीति के तौर पर देख रहा है। पार्टी का मानना है कि नेतृत्व परिवर्तन से सरकार के खिलाफ बन रही नाराजगी को कम करने में मदद मिलेगी। पिछले कुछ समय से विपक्ष लगातार सरकार को कई मुद्दों पर घेर रहा था और सत्ता विरोधी माहौल बनने की चर्चा भी तेज हो रही थी।
डीके शिवकुमार को कर्नाटक कांग्रेस का सबसे मजबूत संगठनात्मक चेहरा माना जाता है। पार्टी को सत्ता में वापस लाने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही। चुनाव प्रचार, संगठन प्रबंधन और रणनीतिक फैसलों में उनकी सक्रिय भूमिका ने कांग्रेस की जीत में बड़ा योगदान दिया था। यही कारण है कि उनके समर्थक लंबे समय से उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे थे।
अब सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता परिवर्तन की पटकथा लगभग पूरी हो चुकी है। राज्य की राजनीति की नजर अब कांग्रेस विधायक दल की बैठक और डीके शिवकुमार के औपचारिक चुनाव पर टिकी हुई है। यदि सब कुछ तय रणनीति के अनुसार हुआ, तो कर्नाटक को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा और कांग्रेस सरकार का दूसरा चरण शुरू हो जाएगा।

Related posts

लोकसभा से चारों सांसदों का निलंबन हुआ खत्म, सदन में चर्चा हुई शुरू

admin

Sagar dhanker murder case : पहलवान सुशील कुमार को अदालत ने दी अंतरिम जमानत, सागर धनखड की हत्या के आरोप में
तिहाड़ जेल में बंद हैं

admin

Manipur Violence Monsoon Session : मणिपुर हिंसा मामले में सदन में हंगामा कर रहे आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को पूरे सत्र के लिए किया गया सस्पेंड

admin

Leave a Comment