श्रीनगर नगर निगम की निर्दलीय मेयर आरती भंडारी ने बुधवार को देहरादून में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके साथ नगर निगम के 10 पार्षद भी भाजपा में शामिल हुए। करीब डेढ़ साल बाद आरती भंडारी की भाजपा में वापसी को गढ़वाल की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
आरती भंडारी ने वर्ष 2025 के नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी आशा उपाध्याय को 1,639 वोटों के अंतर से हराकर श्रीनगर नगर निगम की पहली मेयर बनने का गौरव हासिल किया था। चुनाव के बाद नगर निगम में निर्दलीय पार्षदों की संख्या भी काफी अधिक रही थी।
40 सदस्यीय श्रीनगर नगर निगम में चुनाव परिणाम के बाद 18 निर्दलीय, 16 भाजपा और 6 कांग्रेस पार्षद चुने गए थे। अब मेयर आरती भंडारी समेत 10 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से नगर निगम में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं।
आरती भंडारी और पार्षदों के भाजपा में आने से न केवल श्रीनगर नगर निगम की राजनीति प्रभावित होने की संभावना है, बल्कि इसका असर गढ़वाल क्षेत्र की आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। माना जा रहा है कि यह घटनाक्रम 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

