Cloud Burst : हिमाचल प्रदेश में फिर चार जगहों पर बादल फटने से भारी नुकसान, बारिश और लैंडस्लाइड में कई लोग फंसे, प्रशासन ने आज मंडी के सभी स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी की, वीडियो - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
June 27, 2026
Daily Lok Manch
Recent राष्ट्रीय

Cloud Burst : हिमाचल प्रदेश में फिर चार जगहों पर बादल फटने से भारी नुकसान, बारिश और लैंडस्लाइड में कई लोग फंसे, प्रशासन ने आज मंडी के सभी स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी की, वीडियो



हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश और लैंडस्लाइड मुसीबत बनती जा रही है। इसके साथ उत्तराखंड में भी कई दिनों से लगातार बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। देश के अधिकतर हिस्सों में जुलाई में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी। साथ ही मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा के लोगों को बाढ़ से सतर्क रहने की सलाह दी है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार रात 4 जगह बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ और लैंडस्लाइड से अब तक एक व्यक्ति की मौत और 13 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की सूचना है। वहीं, कई लोग लापता हैं। ब्यास नदी ने खतरे के निशान को पार कर लिया है और कई जगहों पर लैंडस्लाइड हो रही हैं। भारी बारिश देखते हुए मंडी के जिलाधिकारी ने आज जिले के सभी स्कूल-कालेजों में छुट्टी कर दी है।



देश के अधिकतर हिस्सों में जुलाई में दक्षिण पश्चिम मॉनसून के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जो दीर्घावधि औसत (एलपीए) का 106 फीसदी रहेगा। भारतीय मौसम विभाग ने यह जानकारी देते हुए मध्य भारत, उत्तराखंड और हरियाणा में रहने वाले लोगों को भारी बारिश के कारण बाढ़ की आशंका के प्रति आगाह भी किया।



विभाग के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि जुलाई में पूर्वोत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों, पूर्वी भारत के कई इलाकों और बिहार सहित दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं।



जून से शुरू होने वाले मॉनसून सीजन में जुलाई को बहुत जरूरी माना जाता है। मॉनसून में होने वाली कुल बारिश में से करीब 34.5 फीसदी वर्षा जुलाई में ही होती है। जुलाई और अगस्त में मॉनसून में खलल पड़ जाए तो खरीफ की खड़ी फसलों पर काफी असर पड़ता है। बिहार सहित समूचे पूर्वी भारत में सामान्य से कम बारिश के पूर्वानुमान से उन राज्यों की फसल प्रभावित हो सकती है।



मौसम विभाग ने यह भी कहा कि 2025-26 की सर्दियों तक अल नीनो आने की कोई संभावना नहीं है और 2025 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के उत्तरार्द्ध में तटस्थ अल नीनो की स्थिति की करीब 82 फीसदी संभावना है। मौसम विभाग ने बताया है कि भारत में मॉनसून को प्रभावित करने वाला बड़ा कारण हिंद महासागर डायपोल (आईओडी) भी अगले तीन महीने तक तटस्थ रहने की उम्मीद है।

विभाग ने यह भी कहा कि जुलाई में औसत अधिकतम तापमान कई इलाकों में सामान्य से कम रह सकता है। मगर पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीप के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान की संभावना है।

मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मध्य भारत और आसपास के दक्षिणी प्रायद्वीप में भारी बारिश की काफी संभावना है। इनमें पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, विदर्भ और तेलंगाना के आसपास के इलाकों और गुजरात तथा महाराष्ट्र के कुछ हिस्से शामिल हैं। गौरतलब है कि जुलाई मुख्य मॉनसून महीना है। इसी मौसम में मॉनसून के चार महीनों जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर की कुल 87 सेमी औसत बारिश का 28 सेमी रिकॉर्ड होता है। यह कृषि के लिए भी एक महत्वपूर्ण महीना है क्योंकि जुलाई के दौरान धान और अन्य खरीफ मानसून में बोई गई) फसलों की बुवाई होती है। मानसून भारत की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत के कृषि क्षेत्र का 51 फीसदी भाग बारिश पर निर्भर है, जो उत्पादन का 40 फीसदी हिस्सा बनाता है। आईएमडी अधिकारियों ने सोमवार को कहाकि देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक सामान्य बारिश की संभावना है। हालांकि, उत्तरपूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों, पूर्वी भारत के कई हिस्सों, दक्षिणी प्रायद्वीप भारत के चरम हिस्सों और उत्तरपश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है

Related posts

CBSE 12th result declared : सीबीएसई में 12वीं क्लास का रिजल्ट जारी किया, 87.33 प्रतिशत छात्र पास हुए, 10वीं का भी परीक्षा परिणाम आज आएगा

admin

पूरा उत्तर भारत भीषण गर्मी से बेहाल, पांचवें दिन भी देश का सबसे गर्म शहर रहा बांदा, अत्यधिक तापमान और आग उगलती लू से लोगों की बिगड़ने लगी तबीयत

admin

अर्जेंटीना की आइसक्रीम और चॉकलेट का उत्तर प्रदेश लेगा स्वाद, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने विदेशी निवेश के लिए की पहल

admin

Leave a Comment