उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से चुनावी तैयारियों को गति दे दी है। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पार्टी ने प्रदेशभर में विभिन्न प्रकोष्ठों के माध्यम से 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को चुनावी जिम्मेदारी सौंपने की रणनीति तैयार की है। इन कार्यकर्ताओं का मुख्य फोकस संगठन का विस्तार, नए लोगों को पार्टी से जोड़ना और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना होगा।
काशीपुर में आयोजित भाजपा के प्रदेश एवं जिला प्रकोष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रत्येक प्रकोष्ठ को मंडल और बूथ स्तर तक पूरी सक्रियता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रकोष्ठ केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषज्ञों, बुद्धिजीवियों और पेशेवर लोगों को संगठन से जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी हैं। ऐसे में सभी कार्यकर्ता पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं।
प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी कौस्तुभानंद जोशी ने बताया कि प्रदेशभर में विभिन्न प्रकोष्ठों के जरिए 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इसके लिए चार चरणों में कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक कौशल, बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीति का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
भाजपा की योजना बूथ स्तर तक मजबूत और सक्रिय संगठन तैयार करने की है। पार्टी का मानना है कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता सरकार की उपलब्धियों और विकास योजनाओं की जानकारी आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएंगे, जिससे नए लोगों को संगठन से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
काशीपुर में शुरू हुए इस अभियान के बाद रुद्रपुर, देहरादून और हरिद्वार में भी प्रकोष्ठ कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से चुनावी तैयारियों को और धार देने के साथ संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।
बैठक के दौरान महेंद्र भट्ट ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आगामी विधानसभा चुनाव को लक्ष्य मानकर अभी से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा एक सशक्त संगठन और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं के दम पर 2027 के विधानसभा चुनाव में दोबारा जीत हासिल करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। कार्यशाला का समापन संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा मिशन-2027 की सफलता का संकल्प लेने के साथ हुआ।

