September 12, 2026
Daily Lok Manch
उत्तर प्रदेश

यूपी में फिर तेज हुआ मानसून, लखनऊ में जलभराव से हालात बिगड़े, 11 नदियां उफान पर, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा



उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में तेज बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। लखनऊ में करीब चार घंटे हुई बारिश के बाद शहर की कई प्रमुख सड़कों पर दो फीट तक पानी भर गया। निचले इलाकों में पानी घरों और कॉलोनियों तक पहुंच गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई गलियां पूरी तरह जलमग्न नजर आईं और यातायात भी प्रभावित हुआ।

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा, यमुना और शारदा समेत 11 नदियां उफान पर हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। नदी का पानी बढ़ने के कारण यूपी और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला एक छोटा पुल पानी में डूब गया। इसके चलते दोनों राज्यों के बीच स्थानीय आवागमन प्रभावित हुआ है। नदी का पानी आसपास की कॉलोनियों और घरों तक पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

वहीं, उत्तराखंड में भी लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ रहा है। टिहरी डैम का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के बीच प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है।

ओडिशा में भी मानसून का असर तेज है। मौसम विभाग ने राज्य में 18 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। जाजपुर जिले के दशरथपुर इलाके में कानी नदी पर निर्माणाधीन पुल भी बाढ़ के पानी की चपेट में आकर बह गया। घटना के बाद इलाके में आवाजाही प्रभावित हुई है।

हिमाचल प्रदेश में मानसून इस बार भारी तबाही लेकर आया है। राज्य में 30 जून से 15 अगस्त के बीच मानसून से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 183 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, शनिवार शाम पांच बजे तक प्रदेश में 103 सड़कें बंद थीं। कई स्थानों पर भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

मौसम के लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में बारिश और बढ़ने की स्थिति में जलभराव और बाढ़ की समस्या और गंभीर हो सकती है।

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