राजधानी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया। लगातार 13वीं बार स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री का अंदाज पारंपरिक और आत्मविश्वास से भरा नजर आया। उन्होंने राजस्थान और गुजरात की पहचान से जुड़ी लाल रंग की बांधनी पगड़ी पहनी। सफेद कुर्ते के साथ चॉकलेट ब्राउन रंग की जैकेट और जेब में तिरंगे के रंगों वाला रूमाल उनके परिधान को विशेष रूप दे रहा था।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के जयघोष से की। उन्होंने कहा कि देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और आज हर दिल की धड़कन वंदे मातरम के नाद से गूंज रही है। उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ और ‘हर मन तिरंगा’ की भावना को देश की एकता और राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ते हुए नए लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री का संबोधन करीब 75 मिनट तक चला। भाषण के दौरान उन्होंने युवाओं की ताकत, तकनीकी क्षमता, देश की सुरक्षा, खेल, ऊर्जा और आत्मनिर्भरता से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने विशेष रूप से आने वाली पीढ़ी को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया।
एक साल में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की ट्रेनिंग का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले एक वर्ष में देश के एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप तैयार करना है, ताकि भारत के युवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता विकसित कर सकें। उन्होंने कहा कि तकनीक आने वाले समय में रोजगार, शिक्षा, उद्योग और प्रशासन से लेकर जीवन के लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित करेगी। ऐसे में भारत के युवाओं को केवल तकनीक का उपयोग करने वाला नहीं, बल्कि तकनीक का नेतृत्व करने वाला बनाना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर बढ़ते कोचिंग खर्च का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगी कोचिंग कई परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ बन गई है। इसी को देखते हुए सरकार ने युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के पास डिजिटल बुनियादी ढांचा, प्रतिभाशाली शिक्षक और बड़ी संख्या में विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। इन संसाधनों को जोड़कर युवाओं के लिए व्यापक मुफ्त कोचिंग व्यवस्था तैयार की जाएगी। यह घोषणा उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है जो आर्थिक कारणों से बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग नहीं ले पाते हैं।

खेल प्रतिभाओं को छोटी उम्र में तलाशने की तैयारी, 2036 ओलंपिक पर नजर
खेलों के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने 2036 के ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए नई दिशा का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य ऐसे खेलों में भी हिस्सा लेना है, जिनमें देश ने अभी तक पर्याप्त भागीदारी नहीं की है। इसके लिए पांच से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की खोज के लिए विशेष प्रतिभा खोज अभियान चलाने की घोषणा की गई। उद्देश्य यह है कि प्रतिभावान बच्चों को कम उम्र में पहचानकर उन्हें प्रशिक्षण, संसाधन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
प्रधानमंत्री ने बदलते सुरक्षा वातावरण का उल्लेख करते हुए नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आज युद्ध का स्वरूप बदल रहा है और चुनौतियां केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गई हैं। सरकार आने वाले समय में नागरिक सुरक्षा का आधुनिक और प्रभावी नेटवर्क तैयार करेगी। नागरिकों को आपात स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक प्रणालियों और आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं की जानकारी देने पर भी जोर रहेगा।
सेमीकंडक्टर उत्पादन से परमाणु ऊर्जा तक आत्मनिर्भरता की बड़ी तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, चिकित्सा तकनीक और परिवहन प्रणालियों में चिप का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश में तीन बड़े सेमीकंडक्टर संयंत्र लगाए जा चुके हैं और निर्यात के लिए उत्पादन भी शुरू हो चुका है। आने वाले सात से आठ वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्रों में काम शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है। इसके जरिए भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई।
परमाणु ऊर्जा को भी ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने इसी दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। फास्ट ब्रीडर परमाणु तकनीक में उपलब्धि को भी उन्होंने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
नारी शक्ति को निर्णय प्रक्रिया में 33 प्रतिशत भागीदारी का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने महिला आरक्षण कानून का उल्लेख करते हुए राजनीतिक दलों से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को देश के निर्णय लेने की प्रक्रिया में पूरा प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इस तरह प्रधानमंत्री का भाषण युवाओं, तकनीक और आत्मनिर्भरता से शुरू होकर महिला सशक्तीकरण के संदेश के साथ समाप्त हुआ।
देहरादून के परेड ग्राउंड से धामी के सात बड़े ऐलान, पहाड़ और युवाओं पर विशेष फोकस
राष्ट्रीय राजधानी के साथ उत्तराखंड भी स्वतंत्रता दिवस के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। देहरादून के परेड ग्राउंड में राज्यस्तरीय मुख्य समारोह आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण किया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताते हुए सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। समारोह में उत्कृष्ट और विशिष्ट कार्य करने वाले 14 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास और भाजपा प्रदेश मुख्यालय में भी तिरंगा फहराया। इस दौरान वे पारंपरिक धोती-कुर्ते में नजर आए। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के लिए सात बड़ी घोषणाएं कीं। इनमें पहाड़ी जिलों में रोजगार और उद्योग बढ़ाने पर विशेष जोर रहा। मुख्यमंत्री ने चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित करने की घोषणा की। इन पार्कों का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में रहा है। ऐसे में इन औद्योगिक पार्कों को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
युवाओं से जुड़े विषयों को संस्थागत मंच देने के लिए उत्तराखंड में पहली बार युवा आयोग की स्थापना की जाएगी। आयोग शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार और युवाओं से जुड़ी अन्य समस्याओं पर काम करेगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए एक स्थायी मंच उपलब्ध कराना है।
सीमावर्ती गांवों के युवाओं से पूर्व सैनिकों तक को स्वरोजगार में अतिरिक्त मदद
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती गांवों के युवाओं के साथ पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार और उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना और युवाओं को अपने गांवों में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इससे पलायन पर रोक लगाने और सीमावर्ती गांवों को मजबूत करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
धामी सरकार वर्ग-3 और वर्ग-4 की जमीन के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाकर पात्र लोगों को भूमिधरी अधिकार देने की दिशा में आगे बढ़ेगी। इससे ऐसी जमीन से जुड़े लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र लोगों को नियमानुसार भूमि अधिकार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश 50 से बढ़ाकर 75 हजार रुपये
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्य सरकार के अंशदान को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने की घोषणा की। यानी पात्र लाभार्थियों को राज्यांश के रूप में अब 25 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। निर्माण सामग्री और मकान बनाने की लागत बढ़ने के बीच यह फैसला गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक राहत के रूप में देखा जा रहा है।
18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए नई स्वरोजगार योजना, ऋण पर 30 प्रतिशत अनुदान
युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय उद्यम खड़ा करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा की गई। यह योजना 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए होगी। युवाओं को आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से मुफ्त उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी। इससे युवाओं के सामने शुरुआती पूंजी की चुनौती कम करने का प्रयास किया जाएगा।
साहसी बच्चों के लिए इसी वर्ष से शुरू होगा बाल वीरता पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बहादुर बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए इसी वर्ष से बाल वीरता पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की। साहस और बहादुरी का प्रदर्शन करने वाले बच्चों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बच्चों और युवाओं में साहस, जिम्मेदारी और समाज के प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत करना है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है और सरकार सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। उन्होंने प्रदेश को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि विकास की गति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
इस तरह स्वतंत्रता दिवस का यह दिन केवल ध्वजारोहण और देशभक्ति के कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के युवाओं, तकनीक, खेल, सुरक्षा, ऊर्जा और नारी शक्ति को लेकर भविष्य की तस्वीर पेश की तो देहरादून के परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के युवाओं, पहाड़, सीमावर्ती गांवों, रोजगार और आवास से जुड़े फैसलों की घोषणा की। तिरंगे की छांव में देश और देवभूमि दोनों ने विकास, आत्मनिर्भरता और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

