नई दिल्ली के भारत मंडपम में बुधवार को उस समय एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने और उनके देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने की उपलब्धि का जश्न मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक में राजनीतिक चर्चा, विकास के संकल्प और सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ बंगाल की मशहूर झालमुड़ी भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। बैठक में भाजपा और एनडीए शासित 22 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए सभी नेताओं ने उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिन तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देकर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। नेहरू 1952 से 1964 तक 4,398 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहे थे। इस विशेष अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित एनडीए बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और पिछले 12 वर्षों में सरकार की उपलब्धियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान एक प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में स्थिर शासन, तेज विकास, सुशासन, बुनियादी ढांचे के विस्तार, डिजिटल क्रांति, गरीब कल्याण योजनाओं और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की गई।
प्रस्ताव आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रखा, जबकि नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने उसका समर्थन किया। सभी सहयोगी दलों ने एक स्वर में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया और आगामी वर्षों में भी विकास की गति को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। हालांकि बैठक का सबसे चर्चित और मानवीय पहलू वह रहा, जब औपचारिक कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए नेताओं ने एक साथ बैठकर बंगाल की प्रसिद्ध झालमुड़ी का स्वाद लिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को झालमुड़ी परोसी। इसके बाद भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता भी इस अनौपचारिक क्षण का हिस्सा बने। झालमुड़ी से जुड़ा यह दृश्य इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि अप्रैल 2026 में पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने झाड़ग्राम में एक स्थानीय दुकान पर रुककर झालमुड़ी खाई थी। उस दौरान दुकानदार के साथ उनकी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।
ऐसे में भारत मंडपम में एक बार फिर झालमुड़ी का जिक्र और उसका स्वाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक भी हुई थी। कैबिनेट ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।






मंत्रियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं और उनके नेतृत्व की सराहना की। यह कार्यक्रम केवल एक उपलब्धि का उत्सव नहीं था, बल्कि एनडीए की एकजुटता और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए उसके आत्मविश्वास का भी प्रदर्शन था। भारत मंडपम में आयोजित इस बैठक ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में भी विकास, सुशासन और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दिनभर चली बैठकों और राजनीतिक चर्चाओं के बीच जब प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा और एनडीए नेताओं ने एक साथ बैठकर बंगाल की मशहूर झालमुड़ी का स्वाद लिया, तो यह पल कार्यक्रम की सबसे यादगार तस्वीरों में शामिल हो गया। विकास, राजनीति और सादगी का यह संगम भारत मंडपम में आयोजित इस विशेष आयोजन की पहचान बन गया।

