Uttarakhand DIPR
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October 19, 2026
Daily Lok Manch
राष्ट्रीय

संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, लोकसभा में सिर्फ 1 मिनट चली कार्यवाही

संसद का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही महज एक मिनट चली, जबकि राज्यसभा में करीब एक घंटे तक कामकाज हुआ। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पूरी केंद्रीय कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद रहे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वंदे मातरम गान के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

मानसून सत्र के अंतिम दिन संसद परिसर में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी सांसद संसद परिसर में जुटे। प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, एनसीपी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले समेत कई विपक्षी नेता शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान कुछ विपक्षी सांसद मंकी टॉय लेकर भी पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने भी नजर आए। विपक्षी सांसदों ने सरकार पर संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगाए जाते रहे।

राज्यसभा में मानसून सत्र के आखिरी दिन खनिज और खनिज (विकास एवं विनियमन) यानी MMDR संशोधन विधेयक पारित किया गया। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण कराए जाने का मुद्दा भी सदन में उठाया। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने सरकार और संबंधित लोगों पर सवाल खड़े किए।

लोकसभा में 114 घंटे के मुकाबले सिर्फ 17.5 घंटे काम

मानसून सत्र के दौरान लोकसभा की कुल 19 बैठकें हुईं। सामान्य तौर पर लोकसभा की बैठक सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक होती है। दोपहर 1 से 2 बजे तक लंच ब्रेक को हटाने के बाद एक दिन में करीब छह घंटे कार्यवाही का समय माना जाता है। इस हिसाब से 19 बैठकों में लगभग 114 घंटे काम होना था।

हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लोकसभा में पूरे सत्र के दौरान करीब 17 घंटे 30 मिनट ही कार्यवाही चल सकी। यानी निर्धारित समय में से करीब 96 घंटे 30 मिनट का समय सदन में कामकाज के लिए इस्तेमाल नहीं हो पाया। हंगामे और विरोध के कारण कई मौकों पर कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

इससे पहले 2025 का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चला था। उस दौरान लोकसभा और राज्यसभा की 21-21 बैठकें हुई थीं। लोकसभा में करीब 37 घंटे ही कामकाज हो पाया था। इस बार भी संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामे और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच टकराव के कारण सुर्खियों में रहा।

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