उत्तराखंड में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा टल गया। पौड़ी लोकसभा सीट से सांसद अनिल बलूनी का काफिला ऋषिकेश से चमोली की ओर जा रहा था। इसी दौरान देवप्रयाग से पहले तोताघाटी के पास पहाड़ी से अचानक एक भारी-भरकम बोल्डर सड़क पर आ गिरा। बोल्डर सीधे सांसद की टोयोटा इनोवा क्रिस्टा से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि सांसद अनिल बलूनी, उनके चालक और सुरक्षाकर्मी सुरक्षित हैं।
तोताघाटी में अचानक गिरा भारी बोल्डर
जानकारी के मुताबिक, सांसद अनिल बलूनी शुक्रवार को सड़क मार्ग से ऋषिकेश से चमोली जा रहे थे। उनका काफिला जैसे ही देवप्रयाग से पहले तोताघाटी के संवेदनशील हिस्से में पहुंचा, उसी समय ऊपर पहाड़ी से अचानक एक बड़ा बोल्डर नीचे आ गिरा। काफिले को संभलने का मौका भी नहीं मिला और बोल्डर सांसद की कार के आगे के हिस्से से टकरा गया।
बोल्डर की टक्कर से इनोवा क्रिस्टा का फ्रंट हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। कार की हेडलाइट समेत आगे के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
सांसद, ड्राइवर और सुरक्षाकर्मी सुरक्षित
हादसा बेहद खतरनाक था, लेकिन गनीमत रही कि इसमें सांसद अनिल बलूनी समेत कार में मौजूद किसी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई। टक्कर के बाद सांसद कुछ देर तक कार में ही बैठे रहे। इसके बाद चालक नीचे उतरा और उसने कार की हालत देखी तो तुरंत सांसद को इसकी जानकारी दी।
कार के अगले हिस्से को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बोल्डर कितना भारी रहा होगा और टक्कर कितनी जबरदस्त थी। इसके बावजूद सांसद और उनके साथ मौजूद लोग सुरक्षित रहे।
चमोली टनल हादसे के प्रभावितों से मिलने जा रहे थे
सांसद अनिल बलूनी चमोली में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टेल रेस टनल में हुए हादसे का जायजा लेने जा रहे थे। परियोजना की टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने के बाद कई श्रमिकों के फंसने की सूचना है। राहत और बचाव टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं।
बलूनी का चमोली दौरा इसी हादसे के मद्देनजर था। वह घटनास्थल का जायजा लेने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों और फंसे श्रमिकों के परिजनों से मुलाकात करने जा रहे थे।
हादसे के बाद भी दौरा नहीं किया रद्द
कार के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बावजूद सांसद ने अपना चमोली दौरा रद्द नहीं किया। मौके पर तत्काल दूसरे वाहन की व्यवस्था की गई। इसके बाद अनिल बलूनी दूसरी गाड़ी से चमोली के लिए रवाना हो गए।
सांसद के इस फैसले से साफ है कि हादसे के बावजूद उन्होंने टनल हादसे के प्रभावितों से मिलने और मौके की स्थिति का जायजा लेने का अपना कार्यक्रम जारी रखा।
मानसून में तोताघाटी बना डेंजर जोन
ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने वाला तोताघाटी क्षेत्र पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में शामिल है। मानसून के दौरान यहां भूस्खलन, पहाड़ी से पत्थर गिरने और अचानक बोल्डर सड़क पर आने का खतरा बढ़ जाता है।
शुक्रवार को सांसद की कार पर बोल्डर गिरने की घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस तरह की घटनाएं यात्रियों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
फिलहाल हादसे में सांसद अनिल बलूनी समेत सभी लोगों के सुरक्षित रहने से बड़ी राहत मिली है। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बावजूद किसी के गंभीर रूप से घायल न होने को स्थानीय लोग भी राहत की बात मान रहे हैं। हादसे के बाद सांसद दूसरी गाड़ी से चमोली के लिए रवाना हो गए, जहां वह विष्णुगाड़-पीपलकोटी टनल हादसे की स्थिति और राहत-बचाव कार्य का जायजा लेंगे।

