देहरादून शहर में मोहकमपुर से आईएसबीटी और शिमला बाईपास तिराहा तक रोजाना लगने वाले लंबे जाम से परेशान लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए देहरादून ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। नए एक्शन प्लान के तहत हरिद्वार बाईपास और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर दिन के समय भारी वाहनों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा। अब बड़े मालवाहक ट्रक और लोडर वाहन केवल रात के समय ही शहर के भीतर प्रवेश कर सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि इस व्यवस्था से व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या में कमी आएगी और लोगों का सफर पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकेगा। इस प्रस्ताव को जल्द लागू करने की तैयारी की जा रही है।
देहरादून में हरिद्वार बाईपास लंबे समय से शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। मोहकमपुर, रिस्पना तिराहा, आईएसबीटी और शिमला बाईपास तिराहा जैसे प्रमुख चौराहों पर सुबह से लेकर देर शाम तक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। कार्यालय, स्कूल-कॉलेज और व्यावसायिक गतिविधियों के चलते पहले से ही यातायात का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में दिन के समय भारी मालवाहक ट्रकों और बड़े लोडर वाहनों की आवाजाही स्थिति को और गंभीर बना देती है।
भारी वाहन जाम की सबसे बड़ी वजहों में शामिल हैं। इन वाहनों की धीमी गति और बड़े आकार के कारण सड़क की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे छोटे वाहन भी लंबे समय तक फंस जाते हैं। कई बार एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी जाम का सामना करना पड़ता है। आम लोगों को समय की बर्बादी के साथ-साथ ईंधन की अतिरिक्त खपत और प्रदूषण जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।
इसी स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। योजना के अनुसार, दिन के समय हरिद्वार बाईपास और आसपास के प्रमुख मार्गों पर भारी ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इन वाहनों को केवल रात के समय प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जब सड़कों पर यातायात का दबाव अपेक्षाकृत कम होता है। इससे दिन के समय छोटे और निजी वाहनों की आवाजाही सुचारु रहने की उम्मीद है।
एसपी ट्रैफिक जितेंद्र चौधरी ने बताया कि इस प्रस्ताव को जल्द लागू किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। साथ ही ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों को भी नई व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी ताकि नियम लागू होने के बाद किसी प्रकार की परेशानी न हो। यदि इस योजना का प्रभावी तरीके से पालन कराया गया तो हरिद्वार बाईपास समेत शहर के कई प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या में काफी हद तक कमी आ सकती है। इससे न केवल लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी सुधार आएगा और शहर की यातायात व्यवस्था पहले से अधिक व्यवस्थित बन सकेगी।

