केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सभापति को चिट्ठी, राष्ट्रीय गीत नहीं गाने वाले सांसदों का दिया ब्योरा - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
June 6, 2026
Daily Lok Manch
Recent राष्ट्रीय

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सभापति को चिट्ठी, राष्ट्रीय गीत नहीं गाने वाले सांसदों का दिया ब्योरा

वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर जहां केंद्र सरकार इसको एक उत्सव के रूप में मना रही है, वहीं कुछ विपक्षी पार्टी के सांसदों द्वारा राष्ट्रगीत गाने से इनकार करने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नाराजगी दर्ज कराई है। इसे लेकर उन्होंने राज्यसभा के सभापति के नाम एक पत्र भी लिखा है।

अमित शाह ने पत्र में ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर हुई चर्चा के दौरान उठे प्रश्नों के संदर्भ में तथ्य अभिलेख प्रस्तुत किए हैं।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पत्र में सभापति को संबोधित करते हुए लिखा कि मंगलवार को वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर राज्यसभा में हुई चर्चा के दौरान मैंने चुनिंदा जनप्रतिनिधियों एवं राजनीतिक दलों से जुड़े व्यक्तियों द्वारा समय-समय पर इस राष्ट्रगीत के सम्मान में अस्वीकार्य आचरण की घटनाओं का उल्लेख किया है।

उन्होंने कहा कि इस क्रम में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश द्वारा यह आग्रह किया गया कि इन घटनाओं की प्रमाणित जानकारी सदन के पटल पर रखी जाए।

उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में मैं कुछ तथ्य रिकॉर्ड के लिए राज्यसभा सचिवालय को सौंप रहा हूं। ये घटनाएं सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं और इनमें संबंधित व्यक्तियों, वर्ष तथा विवरण का संक्षिप्त उल्लेख किया गया है।

अमित शाह ने कहा कि संबंधित घटनाओं का सार संलग्न दस्तावेज में प्रस्तुत किया गया है। मेरा विनम्र आग्रह है कि सभापति इन तथ्यों को राज्यसभा के आधिकारिक अभिलेख में सम्मिलित कराने की कृपा करें।

उन्होंने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का हवाला देते हुए लिखा कि उन्होंने ‘वंदे मातरम’ गाने से इनकार किया और इसके पीछे धार्मिक आस्था का हवाला दिया।

उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद मेहदी ने संसद चर्चा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार किया और कहा, ‘यह हमारे लिए संभव नहीं है।’

अगला नाम समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क का था, जिन्होंने 2019 में लोकसभा शपथ के समय वंदे मातरम न गाने की बात कही थी।

ऐसे ही सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भी वंदे मातरम गाने के अपने दादा (शफीकुर्रहमान बर्क) के रुख का समर्थन किया।

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भी 2019 में वंदे मातरम गाने से इनकार किया, जिसके पीछे कारण के रूप में धार्मिक सिद्धांत बताया गया।

समाजवादी पार्टी ने स्कूलों में वंदे मातरम अनिवार्य करने वाले आदेश को रद्द करने की मांग की।

कांग्रेस नेता और वर्तमान में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 2022 में संविधान दिवस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं से वंदे मातरम न गाने को कहा।

Related posts

21 जुलाई, सोमवार का पंचांग और राशिफल

admin

Loksabha election BJP 8th list : लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा अपने प्रत्याशियों की जारी की आठवीं लिस्ट, तीन राज्यों के कैंडिडेट के नामों का किया एलान

admin

पुलवामा अटैक में शहीद हुए सैनिकों को देशवासियों ने दी श्रद्धांजलि, भारत ने 12 दिन में ही बदला लेते हुए पाकिस्तान को सिखाया था सबक

admin

Leave a Comment