उत्तराखंड की पवित्र वादियों में स्थित सिखों के प्रमुख तीर्थस्थल श्री हेमकुंट साहिब के कपाट श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक परंपराओं के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में मत्था टेककर सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की अरदास की। पूरे धाम में “जो बोले सो निहाल” और “सत श्री अकाल” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कपाटोद्घाटन से पूर्व विशेष धार्मिक अनुष्ठान, कीर्तन और अरदास का आयोजन किया गया। सेना के बैंड, पंज प्यारों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कपाट खोले गए। बर्फ से ढकी पहाड़ियों और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित हेमकुंट साहिब में श्रद्धालुओं की भारी आस्था देखने को मिली।
राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, ठहरने और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेमकुंट साहिब यात्रा में शामिल होते हैं। माना जाता है कि यह पवित्र स्थल सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की तपस्थली है। कपाट खुलने के साथ ही अब यात्रा सीजन विधिवत शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

