आजमगढ़ और रामपुर में हार के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तोड़ी चुप्पी - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
June 22, 2026
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उत्तर प्रदेश

आजमगढ़ और रामपुर में हार के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तोड़ी चुप्पी

(UP Loksabha by-election Rampur Azamgarh) : आज उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा में हुए उपचुनाव में तगड़ा झटका लगा है। अभी तक समाजवादी पार्टी के पास 5 लोकसभा सांसद थे अब घटकर 3 रह गए हैं। बता दें कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के पांच सांसद चुनाव जीते थे। जिसमें मैनपुरी से समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव, मैनपुरी से अखिलेश यादव, रामपुर से आजम खान, मुरादाबाद से एसटी हसन और संभल से शफीक उर रहमान बार्क समाजवादी पार्टी के सांसद बने थे।

‌इस बार यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव मैनपुरी के करहल से और आजम खान रामपुर से चुनाव जीतकर विधायक बन गए। ‌ दोनों नेताओं ने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद लोकसभा सदस्य से इस्तीफा दे दिया। बता दें कि आजमगढ़ और रामपुर दोनों ही समाजवादी पार्टी के गढ़ माने जाते थे। इसी महीने 23 जून को हुए रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव के लिए आज घोषित नतीजों में समाजवादी पार्टी को दोनों ही सीटें गंवानी पड़ी है। ‌ आप समाजवादी पार्टी के संसद में केवल तीन ही लोकसभा सांसद बचे हैं। अब अखिलेश यादव की संसद में आवाज उठाने की ताकत और कम रह गई है। इन चुनाव परिणाम के बाद सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर तंज कसा है। अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है कि भाजपा के राज में लोकतंत्र की हत्या की क्रॉनॉलॉजी। लोकसभा उप चुनाव के दौरान रामपुर तथा आजमगढ़ में प्रचार से किनारा करने वाले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने लोकतंत्र की हत्या की क्रोनोलाजी बयान की है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसको क्रमवार बताया है। उन्होंने पहले नम्बर पर नामांकन प्रक्रिया को रखा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि नामांकन के समय चीरहरण। इसके बाद नामांकन के बाद भी प्रक्रिया को बताया है। लिखा है कि नामांकन निरस्त कराने का षड्यंत्र। इसके बाद भी नामांकन कराने वाले के पक्ष में उन्होंने लिखा है कि नामांकन के बाद प्रत्याशियों का दमन। बता दें कि अखिलेश यादव रामपुर और आजमगढ़ में चुनाव प्रचार करने नहीं गए थे। आजमगढ़ से आज भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल निरहुआ से मिली हार के बाद सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने अखिलेश यादव के चुनाव प्रचार में न आने का दर्द झलका।

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