दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग तीन दिवसीय दौरे पर भारत आएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना और व्यापार-निवेश को बढ़ाना है। प्रमुख चर्चाओं में उन्नत तकनीकें, जहाज निर्माण और रक्षा सहयोग शामिल हैं।
भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान कर इसकी जानकारी दी है। जिसके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, दक्षिण कोरिया गणराज्य (Republic of Korea, ROK) के राष्ट्रपति ली जे म्युंग 19-21 अप्रैल 2026 को भारत की राजकीय यात्रा करेंगे। उनके साथ प्रथम महिला किम हीया क्यूंग और मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा। राष्ट्रपति ली की यह भारत की पहली यात्रा होगी।
इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति म्युंग प्रधानमंत्री मोदी के साथ जहाज निर्माण, व्यापार, निवेश, एआई, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। वे पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। पीएम मोदी राष्ट्रपति म्युंग के सम्मान में दोपहर के भोजन का आयोजन करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति ली जे म्युंग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी चर्चा करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के सम्मान में भोज का आयोजन करेंगी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी राष्ट्रपति ली जे म्युंग से मुलाकात करेंगे।
आपको बता दें कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बहुआयामी साझेदारी है, जिसकी जड़ें प्राचीन सभ्यतागत संबंधों और लोकतंत्र तथा कानून के शासन के साझा मूल्यों में निहित हैं। राष्ट्रपति ली की यह यात्रा दोनों देशों की साझा आकांक्षा को रेखांकित करती है कि वे सहयोग के मौजूदा क्षेत्रों को और मजबूत करें तथा पारस्परिक हित के नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करें।

