उत्तराखंड में बारिश बनी बड़ी मुसीबत! यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन से घंटों थमा यातायात, कई जिलों में यलो अलर्ट जारी - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
July 27, 2026
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उत्तराखंड में बारिश बनी बड़ी मुसीबत! यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन से घंटों थमा यातायात, कई जिलों में यलो अलर्ट जारी

उत्तराखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। नैनीताल, देहरादून, अल्मोड़ा, टिहरी और ऊधम सिंह नगर समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं, उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं, जिससे चारधाम यात्रा मार्गों पर भी असर पड़ा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।
सबसे अधिक परेशानी उत्तरकाशी जिले में देखने को मिली, जहां स्यानाचट्टी के पास बुधवार सुबह भारी बारिश के बाद पहाड़ी से मलबा और चट्टानें यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गिरीं। भूस्खलन के चलते हाईवे करीब पांच घंटे तक पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान यमुनोत्री धाम जाने वाले चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों को सड़क खुलने का लंबा इंतजार करना पड़ा। प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात दोबारा शुरू कराया गया।
प्रदेश के अन्य इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में नेगल गाड़ पर बना अस्थायी पुल पहले से ही बहा हुआ है, जिसके कारण तीजम और उमचिया गांवों का संपर्क अब भी प्रभावित बना हुआ है। ग्रामीणों को आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बारिश के कारण परेशानी हुई। उत्तरकाशी के डबरानी और नेताला क्षेत्र में सड़क पर मलबा और कीचड़ आने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। हालांकि संबंधित विभागों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मार्ग को साफ कराया और वाहनों की आवाजाही सामान्य कर दी।
देहरादून में बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शहर में दिनभर हल्की से मध्यम बारिश तथा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। राजधानी का अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सोमवार को हुई तेज बारिश के बाद बुधवार को भी मौसम नम बना रहा, जिससे लोगों को उमस से कुछ राहत मिली।
मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ समय तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें और कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन को संभावित भूस्खलन, सड़क अवरोध और जलभराव जैसी स्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की अपील की है। साथ ही नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए राज्यभर में आपदा प्रबंधन और संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं।

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