लगातार हो रही मानसूनी बारिश अब देश के कई राज्यों में तबाही का कारण बनती जा रही है। केरल से लेकर जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश तक भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे बड़ा हादसा केरल के वायनाड में हुआ, जहां सुरंग निर्माण स्थल के पास हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
केरल के वायनाड जिले में मंगलवार सुबह तेज बारिश के बीच कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास बड़ा भूस्खलन हुआ। यहां मलप्पुरम-वायनाड टनल परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा था। सुरंग से निकाली गई मिट्टी बारिश के कारण अचानक खिसक गई, जिससे भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। आशंका है कि कुछ अन्य लोग अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं।
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में सुबह करीब 11:15 बजे सुरंग से तेज रफ्तार में मलबा और पानी का सैलाब निकलता दिखाई देता है, जिसने एक टैंकर को तिनके की तरह बहा दिया। इसी दौरान दो लोग मलबे में फंस गए।
सूचना मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश को देखते हुए सोमवार से ही सुरंग निर्माण का काम रोक दिया गया था।



मलप्पुरम-वायनाड टनल परियोजना के तहत दोनों जिलों को लगभग 8.17 किलोमीटर लंबी सुरंग से जोड़ने की योजना है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2,100 से 2,200 करोड़ रुपये है।
वायनाड इससे पहले भी भीषण भूस्खलन की त्रासदी झेल चुका है। दो वर्ष पहले यहां एक के बाद एक तीन बड़े भूस्खलन हुए थे, जिनमें 400 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।
जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटा, बाढ़ और मलबे से भारी नुकसान
उधर जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में ऊपरी इलाकों में बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। पहाड़ों से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा नीचे आने से कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। सड़कों पर खड़ी कई गाड़ियां मलबे में दब गईं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र में बारिश का कहर, मुंबई-नासिक में स्कूल-कॉलेज बंद
महाराष्ट्र में भी लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मुंबई में पिछले 48 घंटों के दौरान करीब 380 मिलीमीटर (15 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई।
नासिक में भी सभी शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। भारी बारिश को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर मंदिर और महाराष्ट्र के प्रसिद्ध सप्तश्रृंगी मंदिर में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर मंगलवार के लिए रोक लगा दी गई है।
मध्य प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में बारिश, नदियां उफान पर
मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान 35 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई। खजुराहो में सबसे अधिक 4.4 इंच वर्षा हुई। बमीठा में नेशनल हाईवे-39 पर करीब तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
बालाघाट जिले में महाराष्ट्र सीमा से लगी बाघ नदी उफान पर आ गई। तेज बहाव के कारण किरनापुर-लांजी मार्ग पर पुल निर्माण में लगी कार, जेसीबी और लोडर नदी में बह गए। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
वहीं मंगलवार दोपहर शुरू हुई तेज बारिश के बीच दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नर्सिंहपुर के पास सड़क का एक हिस्सा धंस जाने से दो लेन को तत्काल बंद करना पड़ा। इससे दिल्ली-जयपुर हाईवे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया और हीरो होंडा चौक से खेड़की दौला टोल प्लाजा तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। नर्सिंहपुर में हाईवे के दोनों ओर बनी खुली ड्रेन को जोड़ने के लिए ट्रेंचलेस बैरल (पाइप जैकिंग) तकनीक से पाइप डालने का कार्य चल रहा है। प्रारंभिक आशंका है कि निर्माण कार्य के दौरान हुई मिट्टी की कमजोर पकड़ और लगातार हुई भारी वर्षा के कारण सड़क का हिस्सा धंस गया। हालांकि, सड़क धंसने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

