वडोदरा में आयोजित सरदार धाम कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और राष्ट्रीय चुनौतियों के समय जनभागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सरदार धाम की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास को राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी, केंद्रीय मंत्री मनसुख भाई मांडविया, सरदार धाम के अध्यक्ष गागजी भाई सुतारिया सहित मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का अभिवादन करते हुए की। उन्होंने कहा कि यह दिन किसी पुण्य पर्व से कम नहीं है, क्योंकि एक ओर प्रभास पाटन में सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर वडोदरा में सरदार धाम की महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ हो रहा है।
शिक्षा और युवाओं के भविष्य पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि डॉ. दुष्यंत और दक्षा पटेल कॉम्पलेक्स, शिक्षण सहाय योजना और नई परियोजनाएं आने वाले समय में राष्ट्र निर्माण के प्रभावी प्रकल्प साबित होंगी। उन्होंने कहा कि ये संस्थान युवाओं के लिए “करियर लॉन्चिंग पैड” की तरह काम करेंगे।
उन्होंने बताया कि सरदार धाम द्वारा संचालित छात्रावास और शैक्षणिक संस्थान हजारों युवाओं, विशेषकर बेटियों के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं। अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भुज, मेहसाणा और दिल्ली में सरदार धाम के संस्थानों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि निकोल में एक हजार बेटियों के लिए नए छात्रावास का भूमिपूजन भी किया गया है।
गुजरात मॉडल और राजनीतिक स्थिरता की सराहना
प्रधानमंत्री ने बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनाव परिणामों के साथ गुजरात निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा की सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों ने हमेशा राजनीतिक स्थिरता को महत्व दिया है और यही स्थिरता आर्थिक विकास की गति को तेज करती है।
उन्होंने कहा कि गुजरात ने बहुत पहले समझ लिया था कि स्थिर सरकार विकास का आधार होती है और इसका असर राज्य की प्रगति और चुनावी परिणामों में स्पष्ट दिखाई देता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और स्किल डेवलपमेंट पर चर्चा
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं की जरूरतों के अनुसार तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि अब भाषा के आधार पर होने वाला भेदभाव खत्म किया जा रहा है और शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखा गया है।
उन्होंने कहा कि स्किल डवलपमेंट, इनोवेशन, रिसर्च और अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि युवाओं को रोजगार और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे देश को भविष्य में बड़ा स्किल्ड वर्कफोर्स मिलेगा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
स्टार्टअप और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात के युवाओं में उद्यमिता की स्वाभाविक क्षमता है और स्टार्टअप इंडिया मिशन उनके सपनों को साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप सामने आ रहे हैं और महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने महिला सशक्तिकरण को समाज की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि गुजरात ने दो दशक पहले ही इस दिशा में मजबूत कदम उठाए थे। उन्होंने जनधन खाते, उज्ज्वला योजना, नल से जल, मुद्रा योजना, आयुष्मान भारत और मातृ वंदना योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं को नई ताकत दी है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज महिलाएं फाइटर पायलट बन रही हैं और नेशनल डिफेंस एकेडमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों का भी जिक्र किया।
गुजरात को भविष्य की टेक्नोलॉजी का केंद्र बताया
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात समय की दिशा को जल्दी पहचानने वाला राज्य है और आज भविष्य की तकनीकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस, ग्रीन एनर्जी और एडवांस्ड इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में गुजरात की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि साणंद में मेड-इन-इंडिया सेमीकंडक्टर बन रहे हैं, जबकि धोलेरा और सूरत में भी नए प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वडोदरा को मैन्युफैक्चरिंग हब बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां बने मेट्रो कोच दूसरे देशों तक एक्सपोर्ट हो रहे हैं और एयरोस्पेस सेक्टर में भी शहर नई पहचान बना रहा है।
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