August 19, 2026
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उत्तराखंड

मेरठ से ऋषिकेश तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन, धामी सरकार के प्रयासों से परियोजना को मिली हरी झंडी




दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अब उत्तराखंड को भी हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी मिलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला तक नमो भारत (आरआरटीएस) ट्रेन सेवा के विस्तार का सपना जल्द साकार हो सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लगातार प्रयासों के बाद उत्तराखंड सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर सहमति बन गई है। अब जल्द ही परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए सर्वे शुरू किया जाएगा।

गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हुआ था। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सेवा को उत्तराखंड तक विस्तार देने की पहल की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर इस संबंध में प्रस्ताव भी सौंपा था। इसके बाद मोदीपुरम से ऋषिकेश तक ट्रेन सेवा विस्तार को लेकर सहमति बन गई।

परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, जबकि एनसीआरटीसी भी अपना नोडल अधिकारी तय कर चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार की सहमति मिलने के बाद अब करीब 150 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित रेल मार्ग के सर्वे की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।

प्रस्तावित ट्रैक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से शुरू होकर मुजफ्फरनगर के रास्ते उत्तराखंड में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह रुड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश होते हुए लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। परियोजना का लगभग 72 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और 78 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में होगा।

इस रेल सेवा के शुरू होने से उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश तक सड़क मार्ग से पहुंचने में पांच से छह घंटे लगते हैं, जबकि 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली नमो भारत ट्रेन के संचालन के बाद यह यात्रा महज ढाई से तीन घंटे में पूरी हो सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थाटन, पर्यटन और स्थानीय आवागमन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बेहतर परिवहन अवसंरचना के माध्यम से राज्य में विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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