नई दिल्ली, 30 जून 2026। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जून को जारी अपने ताजा आधिकारिक अपडेट में बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों में महत्वपूर्ण बढ़त दर्ज की है। इसके साथ ही मानसून मध्य प्रदेश के अतिरिक्त क्षेत्रों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों, उत्तराखंड के अधिकांश इलाकों तथा हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं और आने वाले दिनों में इसके उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से सक्रिय होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की प्रगति के साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और विभिन्न स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। विभाग का कहना है कि आगामी कुछ दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
मानसून की सक्रियता से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। धान, मक्का, बाजरा, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त नमी मिलने लगेगी, जिससे कृषि कार्यों में तेजी आएगी। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह अच्छी खबर मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर मानसून पहुंचने से फसलों की शुरुआती वृद्धि बेहतर होगी और सिंचाई पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी है। तेज बारिश वाले इलाकों में जलभराव, फिसलन, यातायात बाधित होने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग भी संभावित परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।
उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में मानसून के सक्रिय होने से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी बढ़ गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों में मानसून पहुंचने से वहां भी वर्षा गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से मिल रही पर्याप्त नमी तथा अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो जल्द ही उत्तर भारत के शेष क्षेत्रों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़े ताजा पूर्वानुमानों और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करें। विशेष रूप से किसानों, यात्रियों और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।

