अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार जारी तेजी के बीच हिमाचल प्रदेश से आम लोगों की जेब पर असर डालने वाली बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर का नया ‘अनाथ और विधवा सेस’ लागू कर दिया है। इस फैसले के बाद 12 अगस्त से राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है।
सरकार के इस कदम का उद्देश्य विधवाओं और अनाथ बच्चों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना बताया गया है। हालांकि ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी ने वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे समय में यह फैसला आया है जब वैश्विक स्तर पर भी कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
राज्य के कर एवं आबकारी विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की पहली बिक्री के समय 60 पैसे प्रति लीटर की दर से ‘अनाथ और विधवा सेस’ वसूला जाएगा। यानी यह शुल्क ईंधन की पहली बिक्री के स्तर पर लगाया जाएगा, जिसका असर अंततः खुदरा कीमतों पर दिखाई देगा।
नए सेस के लागू होने के बाद हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल की कीमत बढ़कर करीब 102.50 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। डीजल की कीमतों में भी इसी अनुपात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त राजस्व का उपयोग सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को मजबूत करने में किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद विधवाओं और अनाथ बच्चों को बेहतर सहायता मिल सके।
उधर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का दौर जारी है। बुधवार सुबह वैश्विक कारोबार के दौरान वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल 83 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि ब्रेंट क्रूड 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंचने से ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है।
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो इसका असर कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक तेल कीमतों में हर बदलाव पर देश की नजर बनी रहती है।
क्या पूरे भारत में बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम?
हिमाचल प्रदेश में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पूरे देश में भी पेट्रोल और डीजल महंगे हो गए हैं। इसका जवाब फिलहाल ‘नहीं’ है।
देशभर में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। हिमाचल प्रदेश में जो बढ़ोतरी हुई है, वह राज्य सरकार द्वारा लगाए गए नए सेस का परिणाम है। इसका सीधा संबंध राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में वृद्धि से नहीं है।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद देश की तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई संशोधन नहीं किया है। ऐसे में देश के अन्य राज्यों में वाहन चालकों को अभी किसी अतिरिक्त बोझ का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में वैश्विक तेल बाजार की दिशा पर सबकी नजर रहेगी। यदि कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल आता है तो भविष्य में ईंधन कीमतों को लेकर नए फैसले सामने आ सकते हैं। फिलहाल हिमाचल प्रदेश में लागू किया गया ‘अनाथ और विधवा सेस’ ही वहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह बना हुआ है।
राज्य सरकार का दावा है कि इस कदम से सामाजिक कल्याण योजनाओं को मजबूती मिलेगी, जबकि विपक्ष और आम उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर है कि बढ़ी हुई कीमतों का असर लोगों के दैनिक खर्च और परिवहन लागत पर कितना पड़ता है। फिलहाल इतना तय है कि हिमाचल प्रदेश में वाहन चलाना अब पहले के मुकाबले थोड़ा और महंगा हो गया है।

