टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार (12 अगस्त) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका यह फैसला 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की वार्षिक आम बैठक (AGM) से ठीक पहले आया है। हालांकि, कंपनी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चंद्रशेखरन फरवरी 2027 तक अपने पद पर बने रहेंगे, ताकि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच सहमति नहीं बन सकी। नए कारोबारों में बड़े निवेश, उनके अपेक्षित प्रदर्शन और समूह की भविष्य की रणनीति को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आए। इन्हीं कारणों को उनके इस्तीफे के पीछे प्रमुख वजह माना जा रहा है।
एन. चंद्रशेखरन ने वर्ष 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने एयर इंडिया का अधिग्रहण, डिजिटल कारोबार का विस्तार और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे कई बड़े क्षेत्रों में निवेश किया। हालांकि, हाल के वर्षों में कुछ नए व्यवसायों के प्रदर्शन और निवेश रणनीति को लेकर सवाल भी उठे।
इस्तीफे की खबर का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। टाटा समूह की कई प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयर कारोबार के दौरान करीब 3 प्रतिशत तक टूट गए। निवेशकों ने नेतृत्व परिवर्तन और भविष्य की रणनीति को लेकर सतर्क रुख अपनाया।
अब बाजार की नजर इस बात पर टिकी है कि टाटा संस का अगला चेयरमैन कौन होगा और समूह की दीर्घकालिक विकास रणनीति को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। आने वाले महीनों में नेतृत्व परिवर्तन से जुड़ी घोषणाएं टाटा समूह और निवेशकों, दोनों के लिए बेहद अहम मानी जा रही हैं।

